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धारा 48 सम्पत्ति अन्तरण | Section 48 of Transfer of property Act Hindi

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “अंतरण द्वारा सृष्ट अधिकारों की पूर्विकता | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 48 क्या है | Section 48 Transfer of property Act in hindi | Section 48 of Transfer of property Act | धारा 48 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Priority of rights created by transfer के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 48 |  Section 48 of Transfer of property Act | Section 48 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 48 in Hindi ] –

अंतरण द्वारा सृष्ट अधिकारों की पूर्विकता-

जहां कि किसी व्यक्ति द्वारा भिन्न समयों पर अन्तरण द्वारा एक ही स्थावर सम्पत्ति में या पर अधिकार सृष्ट किया जाना तात्पर्यित है और ऐसे अधिकार सब अपने पूरे विस्तार तक एक साथ अस्तित्वयुक्त या प्रयुक्त नहीं हो सकते वहां पश्चात् सृष्ट हर एक अधिकार पूर्वतर अन्तरितियों को बाध्य करने वाली कोई विशेष संविदा या आरक्षण न हो तो पूर्व सृष्ट अधिकारों को अध्यधीन रहेगा।

धारा 48 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 48 in English ] –

Priority of rights created by transfer ”–

Where a person purports to create by transfer at different times rights in or over the same immoveable property, and such rights cannot all exist or be exercised to their full extent together, each later created right shall, in the absence of a special contract or reservation binding the earlier transferees, be subject to the rights previously created. 

धारा 48 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

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Transfer of property Act

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