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असंज्ञेय मामले में बिना वारेंट गिरफ़्तारी | Crpc 42

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असंज्ञेय मामले में बिना वारेंट गिरफ़्तारी | Crpc 42

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इस आर्टिकल में मै आपको दंड प्रक्रिया संहिता की बहुत ही महत्वपूर्ण धारा 42  के बारे में बताने का प्रयास कर रहा हूँ . आशा करता हूँ की मेरा यह प्रयास आपको पसंद आएगा . तो चलिए जान लेते हैं की –

क्या असंज्ञेय मामले में बिना वारेंट के गिरफ़्तारी की जा सकती है ?

इस सम्बन्ध में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा – 42 में विस्तृत रूप से बताया गया है ,जो इस प्रकार है –

१ – जब कोई व्यक्ति जिसने पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में असंज्ञेय अपराध किया है या जिस पर पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में असंज्ञेय अपराध किये जाने का अभियोग लगाया गया है ,उस अधिकारी की मांग पर अपना नाम और निवास स्थान बताने से इनकार करता है ,या ऐसा नाम या निवास बताता है जिसके बारे में उस अधिकारी को यह विश्वास करने का कारन है की वह मिथ्या है ,तब वह ऐसे अधिकारी द्वारा इसीलिए गिरफ्तार किया जा सकता है की उसका नाम और निवास अभिनिश्चित किया जा सके .

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२ – जब ऐसे व्यक्ति का सही नाम और निवास अभिनिश्चित कर लिया जाता है ,तब वह प्रतिभूओ सहित या रहित यह बंध पत्र निष्पादित करने पर छोड़ दिया जायेगा की उससे मजिस्ट्रेट के समक्ष हाजिर होने की अपेक्षा की गयी तो वह उसके समक्ष हाजिर होगा ,

परन्तु यदि ऐसा व्यक्ति भारत में निवासी नहीं है तो वह बंधपत्र भारत में निवासी प्रतिभू या प्रतिभूओ द्वारा प्रतिभूत किया जायेगा .

३ – यदि गिरफ़्तारी के समय से चौबीस घंटो के अन्दर ऐसे व्यक्ति का सही नाम और निवास अभीनिश्चित नहीं किया जा सकता है ,तब वह बांध पात्र निष्पादित करने पर या अपेक्षित किये जाने पर पर्याप्त प्रतिभू देने में असफल रहता है तो वह अधिकारिता रखने वाले निकटतम मजिस्ट्रेट के पास तत्काल भेज दिया जायेगा .

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