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राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day essay in Hindi

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राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day essay

राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day essay in Hindi

राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day

किसी भी देश की ताकत सभी भारतीय आपस उस देश की एकता में निहित होती है , और यदि देश बड़ा और विभिन्न धर्म, भाषा के लोग रहने वाले हो , तो उन्हें एकता की डोर में बाधकर रखना मुश्किल होता है।

लेकिन हमारे देश भारत की सबसे बड़ी यही खूबसूरती है की यहाँ इतने धर्म, संप्रदाय, जाति के बावजूद आपस में मिलजुलकर रहते है और देश के एकता को बनाये रखे हुए है.

हमारे देश भारत को आजादी मिलने के पश्चात हमारे देश में अनेक 500 से अधिक देशी रियासते थी।
जो की सबको आपस में मिलकर एक देश का गठन करना बहुत ही मुश्किल था।

राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day

सभी रियासते अपनी सुविधानुसार अपना शासन चाहते थे , लेकिन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के सुझबुझ और इन रियासतों के प्रति अपनी स्पष्ट नीति के चलते इन्हें भारत देश में एकीकरण किया गया और इस प्रकार 3 देशी रियासते जूनागढ़, कश्मीर और हैदराबाद भारत में मिलने से मना कर दी।
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जिसके पश्चात भारी विरोध के बाद जूनागढ़ का नवाब हिंदुस्तान छोडकर भाग गया, जिसके पश्चात जूनागढ़ भारत में मिल गया और कश्मीर के राजा हरीसिंह ने अपनी राज्य की सुरक्षा को आश्वासन लेकर कश्मीर को भी भारत में मिला दिया।

अंत में हैदराबाद के निजाम ने जब भारत में मिलने से मना किया तो लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने तुरंत वहा सेना भेजकर निजाम को भी आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया।

जिसके पश्चात हमारे भारत देश का नवनिर्मित गठन हुआ जिसे संघ राज्यों का देश भी कहा जाता है और इस प्रकार अनेक होते हुए भी एक भारत का निर्माण हुआ।

एकता दिवस का महत्व

कोई भी देश तभी तक सुरक्षित रहता है जब तक की उस देश की जनता और शासन में आपसी एकता और अखंडता निहित होती है।

हमारे देश की इसी आपसी एकता की कमी का फायदा उठाते हुए अंग्रेजो ने भारत में फूट डालो और राज करो की नीति पर हमारे देश में 200 से अधिक वर्षो तक राज किया।

हमारी इस गुलामी के कई कारण थे जैसे भारत के सभी राज्यों, रियासतों में आपसी कोई तालमेल नही था।

सभी रियासतों के राजा सिर्फ अपनी अपनी देखते थे , अगर कोई बाहरी शत्रु आक्रमण करे तो कोई भी एक दुसरे का साथ नही देने आता था यही अनेक कारण थे।

जिसके कारण हमारा देश इसी एकता के अभाव में विकास के राह से भटक गया और जो भी आया सिर्फ यहाँ लुटा और चला गया।

अब चूकी हमारा देश आजाद है इसका मतलब यह नही है की हमारे देश पर कोई बुरी नजर नही डाल सकता है।

हम सभी को अपने देश अंदर उन आसामाजिक तत्वों से खुद को बचा के रखना है जो हमे आपस में बाटने को कोशिश करते है और साथ में देश के बाहरी दुश्मनों से भी चौक्कना रहना है तभी हमारा भारत भारत एक अखंड भारत बन सकेगा।

ऐसे में अब हमे अपनी आजादी मिलने के बाद हम सबकी यही जिम्मेदारी बनती है की जब भी देश की एकता की बात आये तो सभी भारतीयों को अपने धर्म जाति से उठकर सोचने की आवश्यकता है और एक सच्चे भारतीय भारतीय की तरफ कंधे से कंधा मिलाकर देश की अखंडता में अपनी अपनी भूमिका निभाना है .

राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day

राष्ट्रीय एकता दिवस की आवश्यकता

वर्तमान समय में हमारे देश भारत की अजीब स्थिति बनी हुई है।

पूरे देश में कही भी चले जाए तो लोग अपने आपको जाति, धर्म, सम्प्रदाय आदि के आधार पर खुद को परिभाषित करते है।

कही भी कोई सबसे पहले खुद को भारतीय नही कहते हुए पाया जाता है जो की एक सोचने वाली बात है।

हमे यह बात जानना चाहिए की सबसे पहले हम भारतीय है बाद में कुछ अन्य जबकि आज के समय में ठीक इसका उल्टा है।

ऐसे में एकमात्र संविधान ही है जो की हम सभी को आपस में जोड़े हुए है इसीलिए हम सभी अपने सविंधान के प्रति आदर का भाव रखते हुए अपने अपने देश में कानून, शासन का सही ढंग से पालन करे।

जो हमे धर्म सम्प्रदाय आदि के आधार पर बाटने की कोशिश करे उनसे दूर रहकर देश की अखंडता में अपना योगदान दे तभी हम सभी राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व को सही ढंग से अपने देश में लागू कर सकते है।

राष्ट्रीय एकता दिवस | National Unity Day

एकता दिवस किस तरह से मनाया जाता है

राष्ट्रीय एकता दिवस हमारी राष्ट्रीय एकता के प्रतिक का त्योहार है।

इस दिन सभी नागरिको को राष्ट्रीय एकता का महत्व बतलाने के लिए विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है।

इस दिन सरदार वल्लभभाई पटेल के मूर्ति पर माल्यार्पण करके उनके जन्मदिवस को मनाया जाता है तथा सभी भारतीय को यह शपथ भी दिलाया जाता है की वे भारत की अखंडता को हमेशा बनाये रखेगे।

राष्ट्रीय एकता दिवस के दिन दिल्ली से लेकर देश विभिन्न शहरो में मैराथन दौड़ यानि एकता की दौड़ का आयोजन किया जाता है।

जिसमे विभिन्न धर्म, जाति, सम्प्रदाय सभी तरह के लोग भाग लेते है जिसके माध्यम से देश के नागरिको को एकता का संदेश देने का प्रयास किया जाता है।

इसके अलावा नाटक, नुक्कड़ मंच आदि के द्वारा भी हमारी एकता की शक्ति को हमे अहसास कराया जाता है .

 

 

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