Home LAW धारा 97 CrPC | Section 97 CrPC in Hindi | CrPC Section...

धारा 97 CrPC | Section 97 CrPC in Hindi | CrPC Section 97

5389
0

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “सदोष परिरुद्ध व्यक्तियों के लिए तलाशी | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 97 क्या है | section 97 CrPC in Hindi | Section 97 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 97 |  Search for persons wrongfully confined के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 97 |  Section 97 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 97 in Hindi ] –

सदोष परिरुद्ध व्यक्तियों के लिए तलाशी-

यदि किसी जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट को यह विश्वास करने का कारण है कि कोई व्यक्ति ऐसी परिस्थितियों में परिरुद्ध है, जिनमें वह परिरोध अपराध की कोटि में आता है, तो वह तलाशी-वारंट जारी कर सकता है और वह व्यक्ति, जिसको ऐसा वारंट निदिष्ट किया जाता है, ऐसे परिरुद्ध व्यक्ति के लिए तलाशी ले सकता है, और ऐसी तलाशी तद्नुसार ही ली जाएगी और यदि वह व्यक्ति मिल जाए, तो उसे तुरंत मजिस्ट्रेट के समक्ष ले जाया जाएगा, जो ऐसा आदेश करेगा जैसा उस मामले की परिस्थितियों में उचित प्रतीत हो।

धारा 97 CrPC

[ CrPC Sec. 97 in English ] –

“ Search for persons wrongfully confined ”–

 If any District Magistrate, Sub- divisional Magistrate or Magistrate of the first class has reason to believe that any person is confined under such circumstances that the confinement amounts to an offence, he may issue a search- warrant, and the person to whom such warrant is directed may search for the person so confined; and such search shall be made in accordance therewith, and the person, if found, shall be immediately taken before a Magistrate, who shall make such order as in the circumstances of the case seems proper.

धारा 97 CrPC

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here