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धारा 8 विनिर्दिष्ट अनुतोष | Section 8 of Specific relief act in Hindi

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “जिस व्यक्ति का कब्जा है किन्तु स्वामी के नाते नहीं है, उसका उन व्यक्तियों को, जो अव्यवहित कब्जे के हकदार हैं परिदत्त करने का दायित्व | विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 8 क्या है | Section 8 Specific relief act in Hindi | Section 8 of Specific relief act | धारा 8 विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम | Liability of person in possession, not as owner, to deliver to persons entitled to immediate possession के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 8 |  Section 8 of Specific relief act

[ Specific relief act Sec. 8 in Hindi ] –

जिस व्यक्ति का कब्जा है किन्तु स्वामी के नाते नहीं है, उसका उन व्यक्तियों को, जो अव्यवहित कब्जे के हकदार हैं परिदत्त करने का दायित्व-

कोई भी व्यक्ति जिसका जंगम सम्पत्ति की किसी भी विशिष्ट वस्तु पर कब्जा अथवा नियंत्रण है जिसका वह स्वामी नहीं है, वह उसके अव्यवहित कब्जे के हकदार व्यक्ति को निम्नलिखित दशाओं में से किसी में भी उसका विनिर्दिष्टत: परिदान करने के लिए विवश किया जा सकेगा

(क) जबकि दावाकृत वस्तु प्रतिवादी द्वारा वादी के अभिकर्ता अथवा न्यासी के रूप में धारित हो;

(ख) जबकि दावाकृत वस्तु की हानि के लिए धन के रूप में प्रतिकर वादी को यथायोग्य अनुतोष न पहुँचाता हो;

(ग) जबकि उसकी हानि से कारित वास्तविक नुकसान का अभिनिश्चय करना अत्यन्त कठिन हो;

(घ) जबकि दावाकृत वस्तु का कब्जा वादी के पास से सदोषतः अन्तरित कराया गया हो।

स्पष्टीकरण-जब तक और जहाँ तक कि तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए, इस धारा के खंड (ख) या खंड (ग) के अधीन दावाकृत जंगम सम्पत्ति की किसी वस्तु के बारे में न्यायालय, यथास्थिति, यह उपधारित करेगा कि-

(क) दावाकृत वस्तु को हानि के लिए धन के रूप में प्रतिकर वादी को यथायोग्य अनुतोष न पहुंचाएगा;

(ख) उसकी हानि द्वारा कारित वास्तविक नुकसान का अभिनिश्चय करना अत्यन्त कठिन होगा।

धारा 8 Specific relief act

[ Specific relief act Sec. 8 in English ] –

“Liability of person in possession, not as owner, to deliver to persons entitled to immediate possession”–

Any person having the possession or control of a particular article of movable property, of which he is not the owner, may be compelled specifically to deliver it to the person entitled to its immediate possession, in any of the following cases:—

(a) when the thing claimed is held by the defendant as the agent or trustee of the plaintiff;

(b) when compensation in money would not afford the plaintiff adequate relief for the loss of the thing claimed;

(c) when it would be extremely difficult to ascertain the actual damage caused by its loss;

(d) when the possession of the thing claimed has been wrongfully transferred from the plantiff.

Explanation.—Unless and until the contrary is proved, the court shall, in respect of any article of movable property claimed under clause (b) or clause (c) of this section, presume—

(a) that compensation in money would not afford the plaintiff adequate relief for the loss of the thing claimed, or, as the case may be;

(b) that it would be extremely difficult to ascertain the actual damage caused by its loss.

धारा 8 Specific relief act

Specific relief Act Pdf download in hindi

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