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धारा 323 CrPC | Section 323 CrPC in Hindi | CrPC Section 323

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “प्रक्रिया जब जांच या विचारण के प्रारंभ के पश्चात् मजिस्ट्रेट को पता चलता है कि मामला सुपुर्द किया जाना चाहिए  | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 323 क्या है | section 323 CrPC in Hindi | Section 323 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 323 | Procedure when, after Commencement of inquiry or trial, Magistrate finds case should be committedके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 323 |  Section 323 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 323 in Hindi ] –

प्रक्रिया जब जांच या विचारण के प्रारंभ के पश्चात् मजिस्ट्रेट को पता चलता है कि मामला सुपुर्द किया जाना चाहिए-

यदि किसी मजिस्ट्रेट के समक्ष अपराध की किसी जांच या विचारण में निर्णय पर हस्ताक्षर करने के पूर्व कार्यवाही के किसी प्रक्रम में उसे यह प्रतीत होता है कि मामला ऐसा है, जिसका विचारण सेशन न्यायालय द्वारा किया जाना चाहिए, तो वह उसे इसमें इसके पूर्व अंतर्विष्ट उपबंधों के अधीन उस न्यायालय को सुपुर्द कर देगा और तब अध्याय 18 के उपबंध ऐसी सुपुर्दगी को लागू होंगे।

धारा 323 CrPC

[ CrPC Sec. 323 in English ] –

“Procedure when, after Commencement of inquiry or trial, Magistrate finds case should be committed ”–

 If, in any inquiry into an offence or a trial before a Magistrate, it appears to him at any stage of the proceedings before signing judgment that the case is one which ought to be tried by the Court of Session, he shall commit it to that Court under the provisions hereinbefore contained 1 and thereupon the provisions of Chapter XVIII shall apply to the commitment so made

धारा 323 CrPC

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