धारा 27 घरेलू हिंसा | Section 27 Domestic violence act in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “अधिकारिता  | घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 27 क्या है | Section 27 Domestic violence act in Hindi | Section 27 of Domestic violence act | धारा 27 घरेलू हिंसा अधिनियम | Jurisdiction के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 27 |  Section 27 of Domestic violence act

[ Domestic violence act Sec. 27 in Hindi ] –

अधिकारिता.-

(1) यथास्थिति, प्रथम वर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट का न्यायालय, जिसकी स्थानीय सीमाओं के भीतर, जहाँ-

(क) व्यथित व्यक्ति स्थायी रूप से या अस्थायी रूप से निवास करता है या कारबार करता है या नियोजित है; या ।

(ख) प्रत्यर्थी निवास करता है या कारबार करता है या नियोजित है; या

(ग) हेतुक उद्भूत होता है, इस अधिनियम के अधीन कोई संरक्षण आदेश और अन्य आदेश अनुदत्त करने और इस अधिनियम के अधीन अपराधों का विचारण करने के लिए सक्षम न्यायालय होगा।

(2) इस अधिनियम के अधीन किया गया कोई आदेश समस्त भारत में प्रवर्तनीय होगा।

धारा 27 Domestic violence act

[ Domestic violence act Sec. 27 in English ] –

Jurisdiction ”–

(1) The court of Judicial Magistrate of the first class or the Metropolitan Magistrate, as the case may be, within the local limits of which- 

(a) the person aggrieved permanently or temporarily resides or carries on business or is employed; or 

(b) the respondent resides or carries on business or is employed; or

(c) the cause of action has arisen,  shall be the competent court to grant a protection order and other orders under this Act and to try offences under this Act.

(2) Any order made under this Act shall be enforceable throughout India. 

धारा 27 Domestic violence act

घरेलू हिंसा अधिनियम 

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Domestic violence act 

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Dowry prohibition act 1961 PDFDowry prohibition act 1961 PDF
Updated: May 14, 2020 — 10:03 pm

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