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धारा 265c CrPC | Section 265c CrPC in Hindi | CrPC Section 265c

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “पारस्परिक संतोषप्रद निपटारे के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 265c क्या है | section 265c CrPC in Hindi | Section 265c in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 265c | Guidelines for mutually satisfactory dispositionके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 265c |  Section 265c in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 265c in Hindi ] –

पारस्परिक संतोषप्रद निपटारे के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत-

धारा 2650 की उपधारा (4) के खंड (क) के अधीन पारस्परिक संतोषप्रद निपटारे के लिए, न्यायालय निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएगा, अर्थात् :

(क) पुलिस रिपोर्ट पर संस्थित किसी मामले में, न्यायालय, लोक अभियोजक, पुलिस अधिकारी, जिसने मामले का अन्वेषण किया है, अभियुक्त और मामले में पीड़ित व्यक्ति को, उस मामले का संतोषप्रद निपटारा करने के लिए बैठक में भाग लेने के लिए सूचना जारी करेगा:

परन्तु मामले के संतोषप्रद निपटारे की ऐसी संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान न्यायालय का यह कर्तव्य होगा कि वह सुनिश्चित करे कि सारी प्रक्रिया बैठक में भाग लेने वाले पक्षकारों द्वारा स्वेच्छा से पूर्ण की गई है :

परन्तु यह और कि अभियुक्त, यदि ऐसी वांछा करे तो, मामले में लगाए गए अपने अभिववक्ता, यदि कोई हो, के साथ इस बैठक में भाग ले सकेगा;

(ख) पुलिस रिपोर्ट से अन्यथा संस्थित मामले में, न्यायालय, अभियुक्त और उस मामले में पीड़ित व्यक्ति को मामले के संतोषप्रद निपटारे के लिए की जाने वाली बैठक में भाग लेने के लिए सूचना जारी करेगा:

परन्तु न्यायालय का यह कर्तव्य होगा कि वह मामले का संतोषप्रद निपटारा करने की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करे कि उसे बैठक में भाग लेने वाले पक्षकारों द्वारा स्वेच्छा से पूरा किया गया है :

परन्तु यह और कि यदि, यथास्थिति, मामले में, पीड़ित व्यक्ति या अभियुक्त, यदि ऐसी वांछा करे, तो वह उस मामले में लगाए गए अपने अभिवबक्ता के साथ उस बैठक में भाग ले सकेगा।

धारा 265c CrPC

[ CrPC Sec. 265c in English ] –

“ Guidelines for mutually satisfactory disposition ”–

In working out a mutually satisfactory disposition under clause (a) of Sub-Section (4) of section 265B, the Court shall follow the following procedure, namely;

  1. in a case instituted on a police report, the Court shall issue notice to the Public Prosecutor, the police officer who has investigated the case, the accused and the victim of the case to participate in the meeting to work out a satisfactory disposition of the case;
    Provided that throughout such process of working out a satisfactory disposition of the case, it shall be the duty of the Court to ensure that the entire process is completed voluntarily by the parties participating in the meeting;
    Provided further that the accused may, if he so desires, participate in such meeting with his pleader, if any, engaged in the case;
  2. in a case instituted otherwise than on police report, the Court shall issue notice to the accused and the victim of the case to participate in a meeting to work out a satisfactory disposition of the case;
    Provided that it shall be the duty of the Court to ensure, throughout such process of working out a satisfactory disposition of the case, that it is completed voluntarily by the parties participating in the meeting;
    Provided further that if the victim of the case or the accused, as the case may be, so desires, he may participate in such meeting with his pleader engaged in the case.

धारा 265c CrPC

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