Home LAW धारा 109 क्या है | 109 Ipc in Hindi | IPC Section...

धारा 109 क्या है | 109 Ipc in Hindi | IPC Section 109

70
0
109 Ipc in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “ दुष्प्रेरण का दण्ड भारतीय दंड संहिता की धारा 109 क्या है | 109 Ipc in Hindi | IPC Section 109 | Punishment of abetment के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय दंड संहिता की धारा 109 क्या है | 109 Ipc in Hindi

[ Ipc Sec. 109 ] हिंदी में –

दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए, और जहां कि उसके दण्ड के लिए कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं है–

जो कोई किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है, यदि दुष्प्रेरित कार्य दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाता है, और ऐसे दुष्प्रेरण के दण्ड के लिए इस संहिता द्वारा कोई अभिव्यक्त उपबन्ध नहीं किया गया है, तो वह उस दण्ड से दण्डित – किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है ।

स्पष्टीकरण–कोई कार्य या अपराध दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया तब कहा जाता है, जब वह उस उकसाहट के परिणामस्वरूप या उस षडयंत्र के अनुसरण में या उस सहायता से किया जाता है, जिससे दुष्प्रेरण गठित होता है |

दृष्टांत

(क) ख को, जो एक लोक सेवक है, ख के पदीय कृत्यों के प्रयोग में क पर कुछ अनुग्रह दिखाने के लिए इनाम के रूप में क रिश्वत की प्रस्थापना करता है । ख वह रिश्वत प्रतिगृहीत कर लेता है । क ने धारा 161 में परिभाषित अपराध का दुष्प्रेरण किया है।

(ख) ख को मिथ्या साक्ष्य देने के लिए क उकसाता है । ख उस उकसाहट के परिणामस्वरूप, वह अपराध करता है | क उस अपराध के दुष्प्रेरण का दोषी है, और उसी दण्ड से दण्डनीय है जिससे ख है ।

(ग) य को विष देने का षडयंत्र क और ख रचते हैं | क उस षडयंत्र के अनुसरण में विष उपाप्त करता है और उसे ख को इसलिए परिदत्त करता है कि वह उसे य को दे । ख उस षडयंत्र के अनुसरण में वह विष क की अनुपस्थिति में य को दे देता है और उसके द्वारा य की मृत्यु कारित कर देता है । यहां, ख हत्या का दोषी है । क षडयंत्र द्वारा उस अपराध के दुष्प्रेरण का दोषी है, और वह हत्या के लिए दण्ड से दण्डनीय है।

109 Ipc in Hindi

[ Ipc Sec. 109 ] अंग्रेजी में –

“ Punishment of abetment if the act abetted is committed in consequence and where no express provision is made for its punishment”–

Whoever abets any offence shall, if the act abetted is committed in consequence of the abetment, and no express provision is made by this Code for the punishment of such abet­ment, be punished with the punishment provided for the offence.

Explanation.—An act or offence is said to be committed in conse­quence of abetment, when it is committed in consequence of the instigation, or in pursuance of the conspiracy, or with the aid which constitutes the abetment.

Illustrations

(a) A offers a bribe to B, a public servant, as a reward for showing A some favour in the exercise of B’s official functions. B accepts the bribe. A has abetted the offence defined in section 161.
(b) A instigates B to give false evidence. B, in consequence of the instigation, commits that offence. A is guilty of abetting that offence, and is liable to the same punishment as B.
(c) A and B conspire to poison Z. A in pursuance of the conspira­cy, procures the poison and delivers it to B in order that he may administer it to Z. B, in pursuance of the conspiracy, adminis­ters the poison to Z in A’s absence and thereby causes Z’s death. Here B is guilty of murder. A is guilty of abetting that offence by conspiracy, and is liable to the punishment for murder.
Previous articleधारा 108a क्या है | 108a Ipc in Hindi | IPC Section 108a
Next articleधारा 110 क्या है | 110 Ipc in Hindi | IPC Section 110

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here