Home ALL POST विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 | Specific relief act 1963 part 2

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 | Specific relief act 1963 part 2

239
0
Specific relief act 1963 part 2

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तरी भाग – 2

Specific relief act 1963 part 2

(१)  गलत कथन चुनिए –

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 के अंतर्गत अनुतोष –

अ- व्यक्तिगत अधिकारों के प्रवर्तन हेतु प्रदत्त किया जाता है

ब- केवल दंड विधि के प्रवर्तन हेतु प्रदत्त किया जाता है

स- न्यायालय की मनमानी विवेक शक्ति के अनुसार प्रदत्त किया जाता है

द- (ब) और (स) दोनों

 

(२)  विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 के अधीन चाहा गया अनुतोष –

अ- अधिकार के रूप में प्राप्त किया जा सकता है

ब- अधिकार के रूप में प्राप्त नहीं किया जा सकता

स- विधिक कर्तव्य के रूप में प्राप्त किया जा सकता है

द- विधिक बाध्यता के रूप में प्राप्त किया जा सकता है

Specific relief act 1963 part 2

(३)  विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963  कौन सी विधि आयोग सी सिफ़ारिशो के परिणामस्वरूप  पारित हुआ ?

अ- प्रथम

ब- तृतीय specific relief act 1963 part 1

स- सप्तम

द- नवम

 

(४)  ऐसा व्यक्ति जो किसी विनिर्दिष्ट स्थावर संपत्ति के कब्जे का हक़दार है ,वह किस प्रकार से उसका प्रत्युद्धरण कर सकता है ?

अ- सिविल प्रक्रिया संहिता द्वारा उपबंधित प्रकार से

ब- दंड प्रक्रिया द्वारा उपबंधित प्रकार से

स- सिविल प्रक्रिया संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता द्वारा उपबंधित प्रकार से

द- भारतीय संविदा अधिनियम द्वारा उपबंधित प्रकार से

Specific relief act 1963 part 2

(५)  धारा 6 के सम्बन्ध में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है ?

अ- बेकब्जा किये जाने की तारीख से छह मास के अवसान के पश्चात् वाद नहीं लाया जा सकता

ब- सरकार के विरुद्ध वाद नहीं लाया जा सकता specific relief act 1963 part 1

स- इस धारा के अधीन संस्थित किसी वाद में पारित किसी भी आदेश या डिक्री से अपील नहीं हो सकती , और न ही पुनरीक्षण अनुज्ञात हो सकता है

द- इस धारा की कोई भी बात किसी भी व्यक्ति को बेकब्जा की गयी संपत्ति पर अपना हक़ स्थापित करने हेतु वाद लेन से और कब्जे का प्रत्युद्दरण करने से वर्जित नहीं करती है

(६)  विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 की किस धारा के अंतर्गत कोई न्यासी   किसी विनिर्दिष्ट  जंगम संपत्ति के  कब्जे के  प्रत्युद्धरण

, जिसमे के हितप्रद हित का वह हक़दार है , वाद ला सकता है ?

अ- धारा 5

ब- धारा6

स- धारा 7

द- धारा 8

Specific relief act 1963 part 2

(७)  निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत जिस व्यक्ति का जंगम संपत्ति की किसी भी विशिष्ट वस्तु पर कब्ज़ा या नियंत्रण है किन्तु स्वामी के नाते नहीं , का उन व्यक्तियों को जो अव्यवहित कब्जे का हकदार हैं , को कब्जे का विनिर्दिष्ट परिदान करने का दायित्व है ?

अ- धारा 10 specific relief act 1963 part 1

ब- धारा6

स- धारा 17

द- धारा 8

 

(८)  विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत स्थावर सम्पत्ति से बेकब्जा किये गए व्यक्ति द्वारा कब्जे की पुनः प्राप्ति हेतु वाद लाने की अधिकतम अवधि है ?

अ- छह माह

ब- तीन माह

स- चार माह

द- बारह माह

 

(९)  विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत  कब्जे की  प्राप्ति हेतु कोई भी वाद –

अ- अवयस्क के विरुद्ध नहीं लाया जायेगा specific relief act 1963 part 1

ब- प्राइवेट कम्पनी के विरुद्ध नहीं लाया जायेगा

स- सरकार के विरुद्ध नहीं लाया जायेगा

द- तीन माह पश्चात् नहीं लाया जायेगा

(१०)  विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 5 के अधीन विनिर्दिष्ट स्थावर संपत्ति के  कब्जे से  बेकब्जा किया गया व्यक्ति स्वत्व  के आधार  पर कब्जे की  पुनः प्राप्ति हेतु वाद दायर कर सकेगा , ऐसे वाद दायर करने की अवधि सीमा होगी ?

अ- 6 माह

ब- 3 माह

स- 6 वर्ष

द- 12 वर्ष

 Madhyprdesh ki nadiya | मध्यप्रदेश की नदिया

BUY

 Madhyprdesh ki nadiya | मध्यप्रदेश की नदिया

BUY

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here