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कंपनी अधिनियम धारा 88 | Section 88 of Companies Act in Hindi

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आजके इस आर्टिकल में मै आपको ” सदस्यों, आदि का रजिस्टर | Register of members, etc| कंपनी अधिनियम धारा 88  | Section 88 of Companies Act in Hindi | कंपनी अधिनियम की धारा 88  के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

Section 88 of Companies Act in Hindi

[ Companies Act Sec. 88 in Hindi ] –

सदस्यों, आदि का रजिस्टर –

 (1) प्रत्येक कंपनी, ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, निम्नलिखित रजिस्टर रखेगी और उन्हें बनाए रखेंगी, अर्थात्ः–

(क) भारत में या भारत से बाहर निवास कर रहे प्रत्येक सदस्य द्वारा धारित साधारण और अधिमानी शेयरों के प्रत्येक वर्ग को पृथक् रूप से उपदर्शित करने वाला सदस्यों का रजिस्टर;

(ख) डिबेंचर धारकों का रजिस्टर; और

(ग) किन्हीं अन्य प्रतिभूति धारकों का रजिस्टर |

(2) उपधारा (1) के अधीन बनाए रखे गए प्रत्येक रजिस्टर में उसमें सम्मिलित नामों की अनुक्रमणिका होगी ।

(3) निक्षेपागार अधिनियम, 1996 की धारा 11 के अधीन किसी निक्षेपागार द्वारा बनाए रखे गए हिताधिकारी स्वामियों के रजिस्टर और अनुक्रमणिका को इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए तत्समान रजिस्टर और अनुक्रमणिका समझा जाएगा ।

(4) कोई कंपनी, यदि उसके अनुच्छेदों द्वारा इस प्रकार प्राधिकृत किया जाए, भारत से बाहर किसी देश में ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, उपधारा (1) में निर्दिष्ट “विदेशी रजिस्टर” नामक रजिस्टर का एक भाग रख सकेगी, जिसमें भारत से बाहर निवास कर रहे सदस्यों, डिबेंचर धारकों, अन्य प्रतिभूति धारकों या हिताधिकारी स्वामियों के नाम तथा विशिष्टियां अंतर्विष्ट होंगी ।

(5) यदि कोई कंपनी, उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार सदस्यों या डिबेंचर धारकों या अन्य प्रतिभूति धारकों का रजिस्टर नहीं रखती है या उसे बनाए रखने में असफल रहती है तो कंपनी और कंपनी का प्रत्येक ऐसा अधिकारी जो व्यतिक्रम करता है, ऐसे जुर्माने से जो पचास हज़ार रुपए से कम का नहीं होगा किन्तु जो तीन लाख रुपए तक का हो सकेगा, और जहां ऐसी असफलता जारी रहती है वहां ऐसे और जुर्माने से, जो पहले दिन के पश्चात् प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान असफलता जारी रहती है, एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा ।

कंपनी अधिनियम  धारा 88

[ Companies Act Section 88 in English ] –

Register of members, etc”–

(1) Every company shall keep and maintain the following registers
in such form and in such manner as may be prescribed, namely:—
(a) register of members indicating separately for each class of equity and preference shares held by each member residing in or outside India;
(b) register of debenture-holders; and
(c) register of any other security holders.
(2) Every register maintained under sub-section (1) shall include an index of the names included therein.
(3) The register and index of beneficial owners maintained by a depository under section 11 of the Depositories Act, 1996 (22 of 1996), shall be deemed to be the corresponding register and index for the purposes of this Act.
(4) A company may, if so authorized by its articles, keep in any country outside India, in such manner as may be prescribed, a part of the register referred to in subsection (1), called ―foreign register‖ containing the names and particulars of the members, debenture-holders, other security holders or
beneficial owners residing outside India.
(5) If a company does not maintain a register of members or debenture-holders or other security holders or fails to maintain them in accordance with the provisions of sub-section (1) or sub-section (2), the company and every officer of the company who is in default shall be punishable with fine which shall not be less than fifty thousand rupees but which may extend to three lakh rupees and where the failure is a continuing one, with a further fine which may extend to one thousand rupees for every day, after the first during which the failure continues.

कंपनी अधिनियम धारा 88


कंपनी अधिनियम 2013  

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