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धारा 65 CrPC | Section 65 CrPC in Hindi | CrPC Section 65

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section 65 CrPC in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “जब पूर्व उपबंधित प्रकार से तामील न की जा सके तब प्रक्रिया | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 65 क्या है | section 65 CrPC in Hindi | Section 65 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 65 |   Procedure when service cannot be effected as before provided के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 65 |  Section 65 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 65 in Hindi ] –

जब पूर्व उपबंधित प्रकार से तामील न की जा सके तब प्रक्रिया–

यदि धारा 62, धारा 63 या धारा 64 में उपबंधित रूप से तामील सम्यक् तत्परता बरतने पर भी न की जा सके तो तामील करने वाला अधिकारी समन की दो प्रतियों में से एक को उस गृह या वासस्थान के, जिसमें समन किया गया व्यक्ति मामूली तौर पर निवास करता है, किसी सह्जदृश्य भाग में लगाएगा; और तब न्यायालय ऐसी जांच करने के पश्चात् जैसी वह ठीक समझे या तो यह घोषित कर सकता है कि समन की सम्यक् तामील हो गई है या वह ऐसीरीति से नई तामील का आदेश दे सकता है जिसे वह उचित समझे।

धारा 65 CrPC

[ CrPC Sec. 65 in English ] –

“  Procedure when service cannot be effected as before provided ”–

 If service cannot by the exercise of due diligence be effected as provided in section 62, section 63 or section 64, the serving officer shall affix one of the duplicates of the summons to some conspicuous part of the house or homestead in which the person summoned ordinarily resides; and thereupon the Court, after making such inquiries as it thinks fit, may either declare that the summons has been duly served or order fresh service in such manner as it considers proper.

धारा 65 CrPC

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