Home LAW धारा 53 सम्पत्ति अन्तरण | Section 53 of Transfer of property Act...

धारा 53 सम्पत्ति अन्तरण | Section 53 of Transfer of property Act Hindi

2467
0
Section 53 of Transfer of property Act

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “ कपटपूर्ण अंतरण | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 53 क्या है | Section 53 Transfer of property Act in hindi | Section 53 of Transfer of property Act | धारा 53 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Fraudulent transfer के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 53 |  Section 53 of Transfer of property Act | Section 53 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 53 in Hindi ] –

 कपटपूर्ण अंतरण-

(1) स्थावर सम्पत्ति का हर एक ऐसा अन्तरण, जो अन्तरक के लेनदारों को विफल करने या उन्हें देरी कराने के आशय से किया गया है, ऐसे किसी भी लेनदार के विकल्प पर शून्यकरणीय होगा जिसे इस प्रकार विफल या देरी कराई गई है।

इस उपधारा की कोई भी बात किसी सदभावपूर्ण सप्रतिफल अन्तरिती के अधिकारों का हास न करेगी। इस उपधारा की कोई भी बात दिवाला सम्बन्धी किसी तत्समय-प्रवृत्त-विधि पर प्रभाव नहीं डालेगी।

वह वाद, जो किसी लेनदार ने (जिस शब्द के अन्तर्गत डिक्रीदार आता है चाहे उसने अपनी डिक्री के निष्पादन के लिए आवेदन किया हो या नहीं) किसी अन्तरण को इस आधार पर शून्य कराने के लिए संस्थित किया है कि वह् अन्तरण, अन्तरक के लेनदारों को विफल करने या उन्हें देरी कराने के आशय से किया गया है उन सब लेनदारों की ओर से या के फायदे के लिए संस्थित किया जाएगा।

(2) स्थावर सम्पत्ति का हर एक ऐसा अन्तरण, जो पाश्चिक अन्तरिती को कपटबंचित करने के आशय से प्रतिफल के बिना किया गया है, ऐसे अन्तरिती के विकल्प पर शून्यकरणीय होगा।

प्रतिफल के बिना किया गया कोई अन्तरण इस धारा के प्रयोजनों के लिए केवल इस कारण से ही कपटवंचित करने के आशय से किया गया न समझा जाएगा कि कोई पाश्चिक अन्तरण प्रतिफलार्थ किया गया था ।

धारा 53 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 53 in English ] –

“Fraudulent transfer ”–

(1) Every transfer of immoveable property made with intent to defeat or delay the creditors of the transferor shall be voidable at the option of any creditor so defeated or delayed. Nothing in this sub-section shall impair the rights of a transferee in good faith and for consideration. Nothing in this sub-section shall affect any law for the time being in force relating to insolvency. A suit instituted by a creditor (which term includes a decree-holder whether he has or has not applied for execution of his decree) to avoid a transfer on the ground that it has been made with intent to defeat or delay the creditors of the transferor, shall be instituted on behalf of, or for the benefit of, all the creditors. 

(2) Every transfer of immoveable property made without consideration with intent to defraud a subsequent transferee shall be voidable at the option of such transferee. 

For the purposes of this sub-section, no transfer made without consideration shall be deemed to have been made with intent to defraud by reason only that a subsequent transfer for consideration was made.

धारा 53 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

Pdf download in hindi

Transfer of property Act

Pdf download in English 

Pocso Act sections list Domestic violence act sections list

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here