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धारा 411 CrPC | Section 411 CrPC in Hindi | CrPC Section 411

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “कार्यपालक मजिस्ट्रेटों द्वारा मामलों का अपने अधीनस्थ मजिस्ट्रेट के हवाले किया जाना या वापस लिया जाना | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 411 क्या है | section 411 CrPC in Hindi | Section 411 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 411 | Dishonestly receiving stolen property के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 411 |  Section 411 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 411 in Hindi ] –

कार्यपालक मजिस्ट्रेटों द्वारा मामलों का अपने अधीनस्थ मजिस्ट्रेट के हवाले किया जाना या वापस लिया जाना—

कोई जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट-

(क) किसी ऐसी कार्यवाही को, जो उसके समक्ष आरंभ हो चुकी है, निपटाने के लिए अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट के हवाले कर सकता है:

(ख) अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट से किसी मामले को वापस ले सकता है या किसी मामले को, जिसे उसने ऐसे मजिस्ट्रेट के हवाले किया हो, वापस मंगा सकता है और ऐसी कार्यवाही को स्वयं निपटा सकता है या उसे निपटाने के लिए किसी अन्य मजिस्ट्रेट को निर्देशित कर सकता है।

धारा 411 CrPC

[ CrPC Sec. 411 in English ] –

“Dishonestly receiving stolen property ”–

Whoever dishonestly receives or retains any stolen property, knowing or having reason to believe the same to be stolen property, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, or with fine, or with both.

धारा 411 CrPC

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