धारा 235 संविदा अधिनियम | Section 235 Indian Contract act in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “अपदेशी अभिकर्ता का दायित्व | भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 235 क्या है | Section 235 Indian Contract act in Hindi | Section 235 of Indian Contract act | धारा 235 भारतीय संविदा अधिनियम | Liability of pretended agentके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 235 |  Section 235 of Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 235 in Hindi ] –

अपदेशी अभिकर्ता का दायित्व—

जो व्यक्ति अपने को किसी दूसरे का प्राधिकृत अभिकर्ता होना असत्यतः व्यपदिष्ट करता है और तद्वारा किसी पर-व्यक्ति को उत्प्रेरित करता है कि वह उसे अभिकर्ता मान कर उसके साथ व्यवहार करे, यदि उसका अभिकथित नियोजक उसके कार्यों का अनुसमर्थन न करे तो, वह उस पर-व्यक्ति की उस हानि या नुकसान के बारे में जो उस पर-व्यक्ति ने ऐसे व्यवहार करने द्वारा उठाया है, प्रतिकर देने का दायी होगा।

धारा 235 Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 235 in English ] –

“Liability of pretended agent”–

A person untruly representing himself to be the authorized agent of another, and thereby inducing a third person to deal with him as such agent, is liable, if his alleged employer does not ratify his acts, to make compensation to the other in respect of any loss or damage which he has incurred by so dealing.

धारा 235 Indian Contract act

भारतीय संविदा अधिनियम 

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Indian contract act 

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Section 1 of limitation actSection 1 of limitation act
Updated: May 12, 2020 — 1:57 pm

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