धारा 182 संविदा अधिनियम | Section 182 Indian Contract act in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको ““अभिकर्ता” और “मालिक की परिभाषा | भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 182 क्या है | Section 182 Indian Contract act in Hindi | Section 182 of Indian Contract act | धारा 182 भारतीय संविदा अधिनियम | “Agent” and “principal” definedके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 182 |  Section 182 of Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 182 in Hindi ] –

“अभिकर्ता” और “मालिक की परिभाषा-

अभिकर्ता वह व्यक्ति है जो किसी अन्य की ओर से कोई कार्य करने के लिए या पर-व्यक्तियों से व्यवहारों में किसी अन्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए, नियोजित है। वह व्यक्ति जिसके लिए ऐसा कार्य किया जाता है या जिसका इस प्रकार प्रतिनिधित्व किया जाता है “मालिक” कहलाता है।

धारा 182 Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 182  in English ] –

““Agent” and “principal” defined”–

An “agent” is a person employed to do any act for another, or to represent another in dealings with third persons. The person for whom such act is done, or who is so represented, is called the “principal”.

धारा 182 Indian Contract act

भारतीय संविदा अधिनियम 

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Section 1 of limitation actSection 1 of limitation act
Updated: May 10, 2020 — 10:26 pm

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