धारा 298 क्या है | 298 IPC in Hindi | IPC Section 298

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से शब्द उच्चारित करना आदि | भारतीय दंड संहिता की धारा 298 क्या है | 298 Ipc in Hindi | IPC Section 298 |  Uttering, words, etc., with deliberate intent to wound the religious feelings of any personके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय दंड संहिता की धारा 298 क्या है | 298 Ipc in Hindi

[ Ipc Sec. 298 ] हिंदी में –

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से शब्द उच्चारित करना आदि–

जो कोई किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनओं को ठेस पहुंचाने के विमर्शित आशय से उसकी श्रवणगोचरता में कोई शब्द उच्चारित करेगा या कोई ध्वनि करेगा या उसकी दृष्टिगोचरता में कोई अंगविक्षेप करेगा, या कोई वस्तु रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

298 Ipc in Hindi

[ Ipc Sec. 298 ] अंग्रेजी में –

“ Uttering, words, etc., with deliberate intent to wound the religious feelings of any person”–

Whoever, with the deliberate intention of wounding the religious feelings of any person, utters any word or makes any sound in the hearing of that person or makes any gesture in the sight of that person or places, any object in the sight of that person, shall be punished with im­prisonment of either description for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.

298 Ipc in Hindi

Updated: April 4, 2020 — 9:45 pm

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