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धारा 180 क्या है | 180 IPC in Hindi | IPC Section 180

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180 Ipc in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “ कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार भारतीय दंड संहिता की धारा 180 क्या है | 180 Ipc in Hindi | IPC Section 180 | Refusing to sign statement के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय दंड संहिता की धारा 180 क्या है | 180 Ipc in Hindi

[ Ipc Sec. 180 ] हिंदी में –

कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार–

जो कोई अपने द्वारा किए गए किसी कथन पर हस्ताक्षर करने को ऐसे लोक सेवक द्वारा अपेक्षा किए जाने पर जो उससे यह अपेक्षा करने के लिए वैध रूप से सक्षम हो कि वह उस कथन पर हस्ताक्षर करे उस कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा. या दोनों से. दंडित किया जाएगा ।

180 Ipc in Hindi

[ Ipc Sec. 180 ] अंग्रेजी में –

“ Refusing to sign statement ”–

Whoever refuses to sign any statement made by him, when required to sign that statement by a public servant legally competent to require that he shall sign that statement, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to three months, or with fine which may extend to five hundred rupees, or with both.

180 Ipc in Hindi

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