संविधान अनुच्छेद 170 | Article 170 of Indian Constitution in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको“ विधान सभाओं की संरचना | भारतीय संविधान अनुच्छेद 170 | Article 170 of Indian Constitution in Hindi | Article 170 in Hindi | भारतीय संविधान का अनुच्छेद 170 | Composition of the Legislative Assembliesके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय संविधान अनुच्छेद 170 | Article 170 of Indian Constitution in Hindi

[ Indian Constitution Article 170 in Hindi ] –

विधान सभाओं की संरचना–

(1) अनुच्छेद 333 के उपबंधों  के अधीन रहते हुए , प्रत्येक राज्य की विधान सभा उस राज्य में प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने हुए पांच सौ से अनधिक और साठ से अन्यून सदस्यों से मिलकर बनेगी ।

(2) खंड (1) के प्रयोजनों के लिए ,प्रत्येक राज्य को प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में ऐसी  रीति से विभाजित किया जाएगा  कि प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र की जनसंख्या का उसको आबंटित स्थानों की संख्या से अनुपात समस्त राज्य में यथासाध्य एक ही हो ।]

[17][स्पष्टीकरण इस खंड में “जनसंख्या”पद  से ऐसी  अंतिम पूर्व वर्ती जनगणना में अभिनिाश्चित की गई जनसंख्या अभिप्रेत है जिसके सुसंगत आंकड़े प्रकाशित हो गए हैं : परंतु  इस स्पष्टीकरण में अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना के प्रति जिसके सुसंगत आंकड़े प्रकाशित हो गए हैं, निर्देश का, जब तक सन् [18][2026]  के पश्चात्  की गई पहली  जनगणना के सुसंगत आंकड़े प्रकाशित नहीं  हो जाते हैं, यह अर्थ लगाया जाएगा  कि वह [19][3[2001]] की जनगणना के प्रतिनिर्देश है ।

(3) प्रत्येक जनगणना की समाप्ति  पर  प्रत्येक राज्य की विधान सभा में स्थानों की कुल संख्या और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन का ऐसे  प्राधिकारी द्वारा और ऐसी  रीति से पुनः समायोजन किया जाएगा  जो संसद् विधि द्वारा अवधारित करे : परंतु  ऐसे  पुनः समायोजन से विधान सभा में प्रतिनिधित्व पद  पर  तब तक कोई प्रभाव नहीं  पड़ेगा जब तक उस समय विद्यमान विधान सभा का विघटन नहीं  हो जाता है :

[20][परंतु यह और कि ऐसा  पुनः  समायोजन उस तारीख से प्रभावी होगा जो राष्ट्रपति  आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट  करे और ऐसे  पुनः  समायोजन के प्रभावी होने तक विधान सभा के लिए  कोई निर्वाचन उन प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों के आधार पर  हो सकेगा जो ऐसे  पुनः  समायोजन के पहले  विद्यमान हैं :परंतु  यह और भी कि जब तक सन् [21][2026] के पश्चात्  की गई पहली  जनगणना के सुसंगत आंकड़े प्रकाशित नहीं  हो जाते हैं तब तक 6[इस खंड के अधीन,–

(त्) प्रत्येक राज्य की विधान सभा में 1971 की जनगणना के आधार पर  पुनः  समायोजित स्थानों की कुल संख्या का ;और

(त्त्) ऐसे  राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजन का, जो [22][2001]की जनगणना के आधार पर पुनः  समायोजित किए  जाएं, पुनः  समायोजन आवश्यक नहीं  होगा ।]

भारतीय संविधान अनुच्छेद 170

[ Indian Constitution Article 170 in English ] –

Composition of the Legislative Assemblies”–

(1) Subject to the provisions of article 333, the Legislative Assembly of each State shall consist of not more than five hundred, and not less than sixty, members chosen by direct election from territorial constituencies in the State. 

(2) For the purposes of clause (1), each State shall be divided into territorial constituencies in such manner that the ratio between the population of each constituency and the number of seats allotted to it shall, so far as practicable, be the same throughout the State. 

13[Explanation.—In this clause, the expression “population” means the population as ascertained at the last preceding census of which the relevant figures have been published: 

Provided that the reference in this Explanation to the last preceding census of which the relevant figures have been published shall, until the relevant figures for the first census taken after the year 14[2026] have been published, be construed as a reference to the 15[2001] census.] 

(3) Upon the completion of each census, the total number of seats in the Legislative Assembly of each State and the division of each State into territorial constituencies shall be readjusted by such authority and in such manner as Parliament may by law determine: 

Provided that such readjustment shall not affect representation in the Legislative Assembly until the dissolution of the then existing Assembly: 

1[Provided further that such readjustment shall take effect from such date as the President may, by order, specify and until such readjustment takes effect, any election to the Legislative Assembly may be held on the basis of the territorial constituencies existing before such readjustment: 

Provided also that until the relevant figures for the first census taken after the year 2[2026] have been published, it shall not be necessary to 3[readjust— 

(i) the total number of seats in the Legislative Assembly of each State as readjusted on the basis of the 1971 census; and 

(ii) the division of such State into territorial constituencies as may be readjusted on the basis of the 2[2001] census,  under this clause.] 

 


भारतीय संविधान अनुच्छेद 170

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Updated: August 14, 2020 — 7:33 pm

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