भारतीय वन अधिनियम धारा 83 | Section 83 of Indian Forest Act in Hindi

आजके इस आर्टिकल में मैआपको ” ऐसे धन के लिए वन-उपज पर धारणाधिकार | भारतीय वन अधिनियम धारा 83  | Section 83 of Indian Forest Act in Hindi | Section 83 Forest Act in Hindi | भारतीय वन अधिनियम की धारा 83 | Lien on forest-produce for such moneyके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय वन अधिनियम धारा 83 | Section 83 of Indian Forest Act in Hindi

[ Indian Forest Act Section 83 in Hindi ] –

ऐसे धन के लिए वनउपज पर धारणाधिकार

(1) जब कि किसी वन-उपज के लिए या उसके सम्बन्ध में ऐसा कोई धन देय है, तब उसकी राशि ऐसी उपज पर प्रथम भार समझी जाएगी, और जब तक कि ऐसी राशि चुका नहीं दी जाए तब तक के लिए ऐसी उपज-वन अधिकारी द्वारा अपने कब्जे में ली जा सकेगी ।

(2) यदि जब यह राशि शोध्य होती है तब चुका नहीं दी जाती है, तो वन अधिकारी ऐसी उपज का लोक नीलाम द्वारा विक्रय कर सकेगा और विक्रय के आगमों को प्रथमतः ऐसी राशि को चुकाने में प्रयुक्त किया जाएगा ।

(3) यदि कोई अतिशेष रहे, तो उस दशा में जिसमें कि उसके लिए हकदार व्यक्ति द्वारा दावा विक्रय की तारीख से दो मास के अन्दर नहीं किया जाता, वह सरकार को समपहृत हो जाएगा ।

भारतीय वन अधिनियम धारा 83

[ Indian Forest Act Section 83 in English ] –

Lien on forest-produce for such money”–

(1) When any such money is payable for or in respect of any forest-produce, the amount thereof shall deemed to be a first charge on such produce, and such produce may be taken possession of by a Forest-officer until such amount has been paid. 

(2) If such amount is not paid when due, the Forest-officer may sell such produce by public auction, and the proceeds of the sale shall be applied first in discharging such amount. 

(3) The surplus, if any, if not claimed within two months from the date of the sale by the person entitled thereto, shall be forfeited to Government. 

भारतीय वन अधिनियम धारा 83


भारतीय वन अधिनियम 1927  

PDF download in Hindi

Indian Forest Act 1927

PDF download in English 


Section 1 Forest Act in Hindi Section 1 Forest Act in Hindi
Updated: August 26, 2020 — 7:16 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published.