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कंपनी अधिनियम धारा 68 | Section 68 of Companies Act in Hindi

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Section 68 of Companies Act in Hindi

आजके इस आर्टिकल में मैआपको ” अपनी स्वयं की प्रतिभूतियों को क्रय करने की कंपनी की शक्ति  | Power of company to purchase its own securities | कंपनी अधिनियम धारा 68  | Section 68 of Companies Act in Hindi | कंपनी अधिनियम की धारा 68  के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

Section 68 of Companies Act in Hindi

[ Companies Act Sec. 68 in Hindi ] –

अपनी स्वयं की प्रतिभूतियों को क्रय करने की कंपनी की शक्ति-

 (1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, किंतु उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, कोई कंपनी निम्नलिखित में से, अपने स्वयं के शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को (जिन्हें इसमें इसके पश्चात् क्रय द्वारा वापस लेना कहा गया है) क्रय कर सकेगी- ..

(क) अपनी मुक्त आरक्षिति; · (ख) प्रतिभूति प्रीमियम लेखा; या

(ग) किन्हीं शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों के निर्गम के – आगम :

परंतु किसी प्रकार के शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को उसी प्रकार के शेयरों या उसी प्रकार की अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों के पूर्ववर्ती निर्गम के आगमों में से क्रय द्वारा वापस नहीं लिया जाएगा ।

कोई कंपनी उपधारा (1) के अधीन अपने निजी शेयर या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को तब तक क्रय नहीं करेगी जब तक

(क) क्रय द्वारा वापस लिए जाने को उसके अनुच्छेदों द्वारा प्राधिकृत न किया गया हो;

(ख) क्रय द्वारा वापस लिए जाने को प्राधिकृत करते हुए कंपनी के साधारण अधिवेशन में कोई विशेष संकल्प पारित न किया गया हो : .

परंत इस खंड की कोई बात उस दशा में लाग नहीं होगी जहां.

(i) क्रय द्वारा वापस लिया जाना, कंपनी की कुल समादत्त साधारण पूंजी का दस प्रतिशत या कम है और मुक्त आरक्षितियों का दस प्रतिशत या कम है;

(ii) ऐसे क्रय द्वारा वापस लिया जाना बोर्ड द्वारा अपने अधिवेशन में पारित संकल्प के माध्यम से प्राधिकृत किया गया है।

(ग) क्रय द्वारा वापस लिया जाना कंपनी की कुल समादत्त पूंजी और खुली आरक्षिति का पच्चीस प्रतिशत या उससे कम है:

परंतु किसी वित्तीय वर्ष में साधारण शेयरों के क्रय द्वारा वापस लिए जाने के संबंध में इस खंड में पच्चीस प्रतिशत के प्रति निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा ‘ कि वह उस वित्तीय वर्ष में उसकी कुल समादत्त साधारण पूंजी के संबंध में है;

(घ) क्रय द्वारा वापस लिए जाने के पश्चात् कंपनी द्वारा देय प्रतिभूत और अप्रतिभूत ऋणों के योग का अनुपात समादत्त पूंजी और उसकी खुली आरक्षितियों के दुगुने से अधिक नहीं है :

परंतु केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा, कंपनियों के वर्ग या वर्गों के लिए पूंजी से ऋण और खुली आरक्षितियों का उच्चतर अनुपात अधिसूचित कर सकेगी ;

(ङ) क्रय द्वारा वापसी के लिए सभी शेयर या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियां पूर्ण रूप से समादत्त हैं;

(च) किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों का क्रय द्वारा वापस लिया जाना प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा इस निमित्त बनाए गए विनियमों के अनुसार है; और

(छ) खंड (च) में विनिर्दिष्ट से भिन्न शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों के संबंध में क्रय द्वारा वापसी ऐसे नियमों के अनुसार है, जो विहित किए जाएं :

परंतु इस उपधारा के अधीन क्रय द्वारा वापस लेने की कोई प्रस्थापना, पूर्ववर्ती क्रय द्वारा वापस लेने की प्रस्थापना के बंद होने, यदि कोई हो, की तारीख से गणना की गई एक वर्ष की अवधि के भीतर नहीं की जाएगी।

(3) उस अधिवेशन की सूचना, जिसमें उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन पारित किए जाने के लिए विशेष संकल्प प्रस्तावित है, के साथ निम्नलिखित कथित करते हुए एक स्पष्टीकारक कथन लगा होगा,

(क) सभी सारवान् तथ्यों का विस्तृत और पूरा प्रकटन; (ख) क्रय द्वारा वापस लिए जाने की आवश्यकता;

(ग) क्रय द्वारा वापस लिए जाने के अधीन क्रय किए जाने के लिए आशयित शेयरों या प्रतिभूतियों का वर्ग;

(घ) क्रय द्वारा वापस लिए जाने के अधीन विनिधान की जाने वाली रकम;

और

(ङ) क्रय द्वारा वापसी पूरी करने के लिए समय-सीमा।

(4) प्रत्येक क्रय द्वारा वापसी, यथास्थिति, उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन विशेष संकल्प पारित किए जाने या बोर्ड द्वारा पारित संकल्प की तारीख से एक वर्ष के भीतर पूरी की जाएगी। (5) उपधारा (1) के अधीन क्रय द्वारा वापसी

(क) आनुपातिक आधार पर विद्यमान शेयर धारकों या प्रतिभूति धारकों से; (ख) खुले बाजार से;

(ग) स्टाक विकल्प या श्रमसाध्य साधारण शेयर की स्कीम के अनुसरण में कंपनी के कर्मचारियों को निर्गमित प्रतिभूतियां क्रय करके, की जा सकेगी।

(6) जहां कोई कंपनी उपधारा (2) के खंड (ख) के अधीन किसी विशेष संकल्प या उसके परन्तुक के मद (ii) के अधीन किसी संकल्प के अनुसरण में, इस धारा के अधीन अपने ही शेयर या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियां क्रय द्वारा वापस लेने का प्रस्ताव करती है

वहां, वह ऐसे क्रय द्वारा वापस लिए जाने से पूर्व, कंपनी के कम से कम दो निदेशकों द्वारा, जिनमें से एक प्रबंध निदेशक होगा, यदि कोई हो, हस्ताक्षरित शोधन क्षमता की घोषणा रजिस्ट्रार और प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास ऐसे प्ररूप में फाइल करेगी, जो विहित किया जाए और शपथ-पत्र द्वारा इस प्रभाव के लिए सत्यापित की जाए कि कंपनी के निदेशक बोर्ड ने कंपनी के मामलों की पूर्ण रूप से जांच कर ली है, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने यह राय बनाई है कि कंपनी अपने दायित्वों को पूरा करने में समर्थ है और बोर्ड द्वारा अंगीकृत घोषणा की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर उसे दिवालिया घोषित नहीं किया जाएगा :

परन्तु ऋण शोधन क्षमता की घोषणा ऐसी किसी कंपनी द्वारा प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास फाइल नहीं की जाएगी, जिसके शेयर किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं किए गए हैं ।

(7) जहां कंपनी अपने ही शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को क्रय द्वारा वापस लेती है, वहां वह क्रय द्वारा वापस लेने के पूरा होने की अन्तिम तारीख के सात दिन के भीतर इस प्रकार क्रय द्वारा वापस लिए गए शेयरों या प्रतिभूतियों को निर्वापित और वास्तविक रूप से नष्ट करेगी।

(8) जहां कोई कंपनी इस धारा के अधीन अपने शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों का क्रय द्वारा वापस लिया जाना पूरा कर लेती है तो वह उसी प्रकार के शेयरों और अन्य प्रतिभूतियों का, जिनके अन्तर्गत धारा 62 की उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन नए शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों का बोनस निर्गम के रूप में या अधिपत्रों, स्टाक विकल्प स्कीमों, श्रमसाध्य साधारण शेयरों के संपरिवर्तन’ या अधिमानी शेयरों या डिबेंचरों का साधारण शेयरों में संपरिवर्तन जैसी विद्यमान बाध्यताओं के निर्वहन करने में के सिवाय छह मास के भीतर अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों का और निर्गमन नहीं करेगी ।

(9) जहां कंपनी इस धारा के अधीन अपने शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को क्रय द्वारा वापस लेती है वहां वह इस प्रकार क्रय किए गए शेयरों या प्रतिभूतियों का, क्रय द्वारा वापस लिए गए शेयरों या प्रतिभूतियों के लिए संदत्त प्रतिफल का, शेयरों या प्रतिभूतियों के रद्दकरण की तारीख का, शेयरों या प्रतिभूतियों को निर्वापित और वास्तविक रूप से नष्ट करने की तारीख का तथा अन्य ऐसी विशिष्टियों का, जो विहित की जाएं, एक रजिस्टर रखेगी।

(10) कोई कंपनी, इस धारा के अधीन क्रय द्वारा वापस लिए जाने के पूरा हो जाने के पश्चात, ऐसे समापन के तीस दिन के भीतर क्रय द्वारा वापस लिए जाने से संबंधित ऐसी विशिष्टियों वाली एक विवरणी, रजिस्ट्रार और प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास फाइल करेगी :

परन्तु किसी ऐसी कंपनी द्वारा, जिसके शेयर किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं हैं, प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास कोई विवरणी फाइल नहीं की जाएगी।

(11) यदि कोई कंपनी, इस धारा के उपबंधों या उपधारा (2) के खंड (च) के प्रयोजनों के लिए प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा बनाए गए किसी विनियम का अनुपालन करने में कोई व्यतिक्रम करेगी, तो वह ऐसे जुर्माने से, जो एक लाख रुपए से कम का नहीं होगा, किन्तु जो तीन लाख रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगी और कंपनी का प्रत्येक ऐसा अधिकारी, जो व्यतिक्रमी है, ऐसी अवधि के कारावास से, जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा या ऐसे जुर्माने से, जो एक लाख रुपए से कम का नहीं होगा, किन्तु जो तीन लाख रुपए तक का हो सकेगा या दोनों से, दण्डनीय होगा।

स्पष्टीकरण 1-इस धारा और धारा 70 के प्रयोजनों के लिए, “विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों” के अन्तर्गत कर्मचारी स्टाक विकल्प या ऐसी अन्य प्रतिभूतियां सम्मिलित हैं, जो समयसमय पर केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जाएं।

स्पष्टीकरण 2-इस धारा के प्रयोजनों के लिए “खुली आरक्षिति” में प्रतिभूति प्रीमियम लेखा सम्मिलित है।

कंपनी अधिनियम धारा 68

[ Companies Act Section 68 in English ] –

Power of company to purchase its own securities”–

(1) Notwithstanding anything contained in  this Act, but subject to the provisions of sub-section (2), a company may purchase its own shares or other  specified securities (hereinafter referred to as buy-back) out of— 

(a) its free reserves; 

(b) the securities premium account; or 

(c) the proceeds of the issue of any shares or other specified securities: 

Provided that no buy-back of any kind of shares or other specified securities shall be made out of the  proceeds of an earlier issue of the same kind of shares or same kind of other specified securities. 

(2) No company shall purchase its own shares or other specified securities under sub-section (1),  unless— 

(a) the buy-back is authorised by its articles; 

(b) a special resolution has been passed at a general meeting of the company authorising the buy back: 

Provided that nothing contained in this clause shall apply to a case where— 

(i) the buy-back is, ten per cent. or less of the total paid-up equity capital and free reserves of the  company; and

(ii) such buy-back has been authorised by the Board by means of a resolution passed at its  meeting; 

(c) the buy-back is twenty-five per cent. or less of the aggregate of paid-up capital and free  reserves of the company: 

Provided that in respect of the buy-back of equity shares in any financial year, the reference to  twenty-five per cent. in this clause shall be construed with respect to its total paid-up equity capital in that  financial year; 

(d) the ratio of the aggregate of secured and unsecured debts owed by the company after buy-back  is not more than twice the paid-up capital and its free reserves: 

Provided that the Central Government may, by order, notify a higher ratio of the debt to capital  and free reserves for a class or classes of companies; 

(e) all the shares or other specified securities for buy-back are fully paid-up; 

(f) the buy-back of the shares or other specified securities listed on any recognised stock  exchange is in accordance with the regulations made by the Securities and Exchange Board in this  behalf; and 

(g) the buy-back in respect of shares or other specified securities other than those specified in  clause (f) is in accordance with such rules as may be prescribed: 

Provided that no offer of buy-back under this sub-section shall be made within a period of one year  reckoned from the date of the closure of the preceding offer of buy-back, if any. 

(3) The notice of the meeting at which the special resolution is proposed to be passed under clause (b)  of sub-section (2) shall be accompanied by an explanatory statement stating— 

(a) a full and complete disclosure of all material facts; 

(b) the necessity for the buy-back; 

(c) the class of shares or securities intended to be purchased under the buy-back; (d) the amount to be invested under the buy-back; and 

(e) the time-limit for completion of buy-back. 

(4) Every buy-back shall be completed within a period of one year from the date of passing of the  special resolution, or as the case may be, the resolution passed by the Board under clause (b) of sub section (2). 

(5) The buy-back under sub-section (1) may be— 

(a) from the existing shareholders or security holders on a proportionate basis; 

(b) from the open market; 

(c) by purchasing the securities issued to employees of the company pursuant to a scheme of  stock option or sweat equity. 

(6) Where a company proposes to buy-back its own shares or other specified securities under this  section in pursuance of a special resolution under clause (b) of sub-section (2) or a resolution under item  (ii) of the proviso thereto, it shall, before making such buy-back, file with the Registrar and the Securities  and Exchange Board, a declaration of solvency signed by at least two directors of the company, one of  whom shall be the managing director, if any, in such form as may be prescribed and verified by an  affidavit to the effect that the Board of Directors of the company has made a full inquiry into the affairs of  the company as a result of which they have formed an opinion that it is capable of meeting its liabilities  and will not be rendered insolvent within a period of one year from the date of declaration adopted by the  Board: 

Provided that no declaration of solvency shall be filed with the Securities and Exchange Board by a  company whose shares are not listed on any recognised stock exchange.

(7) Where a company buys back its own shares or other specified securities, it shall extinguish and  physically destroy the shares or securities so bought back within seven days of the last date of completion  of buy-back. 

(8) Where a company completes a buy-back of its shares or other specified securities under this  section, it shall not make a further issue of the same kind of shares or other securities including allotment  of new shares under clause (a) of sub-section (1) of section 62 or other specified securities within a period  of six months except by way of a bonus issue or in the discharge of subsisting obligations such as  conversion of warrants, stock option schemes, sweat equity or conversion of preference shares or  debentures into equity shares. 

(9) Where a company buys back its shares or other specified securities under this section, it shall  maintain a register of the shares or securities so bought, the consideration paid for the shares or securities  bought back, the date of cancellation of shares or securities, the date of extinguishing and physically  destroying the shares or securities and such other particulars as may be prescribed. 

(10) A company shall, after the completion of the buy-back under this section, file with the Registrar  and the Securities and Exchange Board a return containing such particulars relating to the buy-back  within thirty days of such completion, as may be prescribed: 

Provided that no return shall be filed with the Securities and Exchange Board by a company whose  shares are not listed on any recognised stock exchange. 

(11) If a company makes any default in complying with the provisions of this section or any  regulation made by the Securities and Exchange Board, for the purposes of clause (f) of sub-section (2),  the company shall be punishable with fine which shall not be less than one lakh rupees but which may  extend to three lakh rupees and every officer of the company who is in default shall be punishable with  imprisonment for a term which may extend to three years or with fine which shall not be less than one  lakh rupees but which may extend to three lakh rupees, or with both. 

Explanation I.—For the purposes of this section and section 70, ―specified securities‖ includes  employees‘ stock option or other securities as may be notified by the Central Government from time to  time. 

Explanation II.—For the purposes of this section, ―free reserves‖ includes securities premium  account. 

कंपनी अधिनियम धारा 68


कंपनी अधिनियम 2013  

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