धारा 43 सम्पत्ति अन्तरण | Section 43 of Transfer of property Act Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “अप्राधिकृत व्यक्ति द्वारा अंतरण, जो अंतरित सम्पत्ति में पीछे हित अर्जित कर लेता है | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 43 क्या है | Section 43 Transfer of property Act in hindi | Section 43 of Transfer of property Act | धारा 43 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Transfer by unauthorised person who subsequently acquires interest in property transferredके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 43 |  Section 43 of Transfer of property Act | Section 43 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 43 in Hindi ] –

अप्राधिकृत व्यक्ति द्वारा अंतरण, जो अंतरित सम्पत्ति में पीछे हित अर्जित कर लेता है-

जहां कि कोई व्यक्ति [कपटपूर्वक या] भूलवश यह व्यपदेश करता है कि वह अमुक स्थावर सम्पत्ति को अन्तरित करने के लिए प्राधिकृत है और ऐसी सम्पत्ति को प्रतिफलार्थ अन्तरित करने की प्रव्यंजना करता है, वहां ऐसा अन्तरण, अन्तरिती के विकल्प पर किसी भी उस हित पर प्रवृत्त होगा, जिसे अन्तरक ऐसी सम्पत्ति में उतने समय के दौरान कभी भी अर्जित करे जितने समय तक उस अन्तरण की संविदा अस्तित्व में रहती है।

इस धारा की कोई भी बात उक्त विकल्प के अस्तित्व की सूचना न रखने वाले सद्भावपूर्ण सप्रतिफल अन्तरितियों के अधिकार का हास न करेगी।

दृष्टांत

क, जो हिन्दू है और अपने पिता ख से पृथक् हो गया है, तीन खेत, क्ष, त्र और ज्ञ यह व्यपदेशन करते हुए ग को बेच देता है, कि क उन्हें अन्तरित करने के लिए प्राधिकृत है । इन खेतों में से ज्ञ खेत क का नहीं है, क्योंकि विभाजन के समय ख ने इसे अपने लिए प्राधिकृत कर लिया था, किन्तु ख के मरने पर वारिस के रूप में ज्ञ को क प्राप्त कर लेता है । ग ने विक्रय संविदा को विखण्डित नहीं किया है इसलिए वह क से अपेक्षा कर सकेगा कि क उसे ज्ञ को परिदत्त करे।

धारा 43 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 43 in English ] –

Transfer by unauthorised person who subsequently acquires interest in property transferred ”–

Where a person3[fraudulently or] erroneously represents that he is authorised to transfer certain immovable property and professes to transfer such property for consideration, such transfer shall, at the option of the transferee, operate on any interest which the transferor may acquire in such property at any time during which the contract of transfer subsists. 

Nothing in this section shall impair the right of transferees in good faith for consideration without notice of the existence of the said option. 

Illustration 

A, a Hindu who has separated from his father B, sells to C three fields, X, Y and Z, representing that A is authorised to transfer the same. Of these fields Z does not belong to A, it having been retained by B on the partition; but on B’s dying A as heir obtains Z.C, not having rescinded the contract of sale, may require A to deliver Z to him . 

धारा 43 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

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Updated: May 25, 2020 — 1:17 pm

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