Home LAW धारा 415 CrPC | Section 415 CrPC in Hindi | CrPC Section...

धारा 415 CrPC | Section 415 CrPC in Hindi | CrPC Section 415

850
0

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “उच्चतम न्यायालय की अपील की दशा में मृत्यु दंडादेश के निष्पादन का मुल्तवी किया जाना | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 415 क्या है | section 415 CrPC in Hindi | Section 415 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 415 | Postponement of execution sentence of death in case of appeal to Supreme Courtके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 415 |  Section 415 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 415 in Hindi ] –

उच्चतम न्यायालय की अपील की दशा में मृत्यु दंडादेश के निष्पादन का मुल्तवी किया जाना—

(1) जहां किसी व्यक्ति को उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश दिया गया है और उसके निर्णय के विरुद्ध कोई अपील संविधान के अनुच्छेद 134 के खंड (1) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) के अधीन उच्चतम न्यायालय को होती है वहां उच्च न्यायालय दंडादेश का निष्पादन तब तक के लिए मुल्तवी किए जाने का आदेश देगा जब तक ऐसी अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि समाप्त नहीं हो जाती है अथवा यदि उस अवधि के अन्दर कोई अपील की गई है तो जब तक उस अपील का निपटारा नहीं हो जाता है।

(2) जहाँ उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश दिया गया है या उसकी पुष्टि की गई है, और दंडादिष्ट व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 132 के अधीन या अनुच्छेद 134 के खंड (1) के उपखंड (ग) के अधीन प्रमाणपत्र दिए जाने के लिए उच्च न्यायालय से आवेदन करता है, तो उच्च न्यायालय दंडादेश का निष्पादन तब तक के लिए मुल्तवी किए जाने का आदेश देगा जब तक उस आवेदन का उच्च न्यायालय द्वारा निपटारा नहीं हो जाता है या यदि ऐसे आवेदन पर कोई प्रमाणपत्र दिया गया है, तो जब तक उस प्रमाणपत्र पर उच्चतम न्यायालय को अपील करने के लिए अनुज्ञात अवधि समाप्त नहीं हो जाती है।

(3) जहाँ उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंडादेश दिया गया है या उसकी पुष्टि की गई है और उच्च न्यायालय का यह समाधान हो जाता है कि दंडादिष्ट व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 136 के अधीन अपील के लिए विशेष इजाजत दिए जाने के लिए उच्चतम न्यायालय में अर्जी पेश करना चाहता है, वहां उच्च न्यायालय दंडादेश का निष्पादन इतनी अवधि तक के लिए, जितनी बह ऐसी अर्जी पेश करने के लिए पर्याप्त समझे, मुल्तवी किए जाने का आदेश देगा।

धारा 415 CrPC

[ CrPC Sec. 415 in English ] –

“ Postponement of execution sentence of death in case of appeal to Supreme Court ”–

(1) Where a person is sentenced to death by the High Court and an appeal from its judgment lies to the Supreme Court under subclause (a) or sub- clause (b) of clause (1) of article 134 of the Constitution. the High Court shall order the execution of the sentence to be postponed until the period allowed for preferring such appeal has expired, or, if an appeal is preferred within that period, until such appeal is disposed of.
(2) Where a sentence of death is passed or confirmed by the High Court, and the person sentenced makes an application to the High Court for the grant of a certificate under article 132 or under sub- clause (c) of clause (1) of article 134 of the Constitution, the High Court shall order the execution of the sentence to be postponed until such application is disposed of by the High Court, or if a certificate is granted on such application, until the period allowed for preferring an appeal to the Supreme Court on such certificate has expired.
(3) Where a sentence of death is passed or confirmed by the High Court, and the High Court is satisfied that the person sentenced intends to present a petition to the Supreme Court for the grant of special leave to appeal under article 136 of the Constitution, the High Court shall order the execution of the sentence to be postponed for such period as it considers sufficient to enable him to present such petition.

धारा 415 CrPC

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here