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धारा 404 CrPC | Section 404 CrPC in Hindi | CrPC Section 404

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “महानगर मजिस्ट्रेट के विनिश्चय के आधारों के कथन पर उच्च न्यायालय द्वारा विचार किया जाना | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 404 क्या है | section 404 CrPC in Hindi | Section 404 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 404 | Statement by Metropolitan Magistrate of grounds of his decision to be considered by High Court के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 404 |  Section 404 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 404 in Hindi ] –

महानगर मजिस्ट्रेट के विनिश्चय के आधारों के कथन पर उच्च न्यायालय द्वारा विचार किया जाना—

जब उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय द्वारा किसी महानगर मजिस्ट्रेट का अभिलेख धारा 397 के अधीन मंगाया जाता है तब वह मजिस्ट्रेट अपने विनिश्चय या आदेश के आधारों का और किन्हीं ऐसे तथ्यों का, जिन्हें वह विवाद्यक के लिए तात्त्विक समझता है, वर्णन करने वाला कथन अभिलेख के साथ भेज सकता है और न्यायालय उक्त विनिश्चय या आदेश को उलटने या अपास्त करने से पूर्व ऐसे कथन पर विचार करेगा।

धारा 404 CrPC

[ CrPC Sec. 404 in English ] –

“Statement by Metropolitan Magistrate of grounds of his decision to be considered by High Court ”–

When the record of any trial held by a Metropolitan Magistrate is called for by the High Court or Court of Session under section 397, the Magistrate may submit with the record a statement setting forth the grounds of his decision or order and any facts which he thinks material to the issue; and the Court shall consider such statement before overruling or setting aside the said decision or order.

धारा 404 CrPC

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