धारा 36 सम्पत्ति अन्तरण | Section 36 of Transfer of property Act Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “हकदार व्यक्ति के हित के पर्यवसान पर कालिक संदायों का प्रभाजन | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 36 क्या है | Section 36 Transfer of property Act in hindi | Section 36 of Transfer of property Act | धारा 36 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Apportionment of periodical payments determination of interest of person entitled के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 36 |  Section 36 of Transfer of property Act | Section 36 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 36 in Hindi ] –

हकदार व्यक्ति के हित के पर्यवसान पर कालिक संदायों का प्रभाजन-

 तत्प्रतिकूल संविदा या स्थानीय प्रथा के अभाव में सब भाटक, वार्षिकियां, पेशन, लाभांश और अन्य कालिक संदाय, जो आय की प्रकृति के हैं, ऐसे संदायों को पाने के लिए हकदार व्यक्ति के हित के अन्तरण पर, जहां तक अन्तरक और अन्तरिती के बीच का संबंध है, दिन प्रतिदिन प्रोद्भवमान और तद्नुकूल प्रभाजनीय, किन्तु वे उनके संदाय के लिए नियत दिनों को संदेय, समझे जाएंगे।

धारा 36 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 36 in English ] –

Apportionment of periodical payments determination of interest of person entitled”–

In the absence of a contract or local usage to the contrary, all rents annuities, pensions, dividends and other periodical payments in the nature of income shall, upon the transfer of the interest of the person entitled to receive such payments, be deemed, as between the transferor and the transferee, to accrue due from day to day, and to be apportion able accordingly, but to be payable on the days appointed for the payment thereof.

धारा 36 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

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Updated: May 24, 2020 — 8:35 pm

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