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धारा 348 CrPC | Section 348 CrPC in Hindi | CrPC Section 348

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “ माफी मांगने पर अपराधी का उन्मोचन | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 348 क्या है | section 348 CrPC in Hindi | Section 348 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 348 | Discharge of offender on submission of apologyके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 348 |  Section 348 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 348 in Hindi ] –

 माफी मांगने पर अपराधी का उन्मोचन-

जब किसी न्यायालय ने किसी अपराधी को कोई बात, जिसे करने की उससे विधिपूर्वक अपेक्षा की गई थी, करने से इनकार करने या उसे न करने के लिए या साशय कोई अपमान करने या विघ्न डालने के लिए धारा 345 के अधीन दंडित किए जाने के लिए न्यायनिर्णीत किया है या धारा 346 के अधीन विचारण के लिए मजिस्ट्रेट के पास भेजा है, तब वह न्यायालय अपने आदेश या अपेक्षा के उसके द्वारा मान लिए जाने पर या उसके द्वारा ऐसे माफी मांगे जाने पर, जिससे न्यायालय का समाधान हो जाए, स्वविवेकानुसार अभियुक्त को उन्मोचित कर सकता है या दंड का परिहार कर सकता है।

धारा 348 CrPC

[ CrPC Sec. 348 in English ] –

“ Discharge of offender on submission of apology”–

 When any Court has under section 345 adjudged an offender to punishment, or has under section 346 forwarded him to a Magistrate for trial, for refusing or omitting to do anything which he was lawfully required to do or for any intentional insult or interruption, the Court may, in its discretion, discharge the offender or remit the punishment on his submission to the order or requisition of such Court, or on apology being made to its satisfaction.

धारा 348 CrPC

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