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धारा 3 संविदा अधिनियम | Section 3 Indian Contract act in Hindi

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रतिग्रहण और प्रतिसंहरण | भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 3 क्या है | Section 3 Indian Contract act in Hindi | Section 3 of Indian Contract act | धारा 3 भारतीय संविदा अधिनियम | Communication, acceptance and revocation of proposalsके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 3 |  Section 3 of Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 3 in Hindi ] –

प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रतिग्रहण और प्रतिसंहरण —

प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रस्थापनाओं का प्रतिग्रहण और प्रस्थापनाओं तथा प्रतिग्रहणों का प्रतिसंहरण क्रमश: प्रस्थापना करने वाले, प्रतिग्रहण करने वाले या प्रतिसंहरण करने वाले पक्षकार के किसी ऐसे कार्य या लोप से हुआ समझा जाता है, जिसके द्वारा वह ऐसी प्रस्थापना, प्रतिग्रहण या प्रतिसंहरण को संसूचित करने का आशय रखता हो, या जो उसे संसूचित करने का प्रयास रखता हो।

धारा 3 Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 3  in English ] –

“ Communication, acceptance and revocation of proposals ”–

The communication of proposals the acceptance of proposals, and the revocation of proposals and acceptances, respectively, are deemed to be made by any act or omission of the party proposing, accepting or revoking by which he intends to communicate such proposal, acceptance or revocation, or which has the effect of communicating it.

धारा 3 Indian Contract act

भारतीय संविदा अधिनियम 

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Indian contract act 

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Section 1 of limitation act Section 1 of limitation act

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