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धारा 27 सम्पत्ति अन्तरण | Section 27 of Transfer of property Act Hindi

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Section 27 of Transfer of property Act

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “एक व्यक्ति को सशर्त अंतरण ऐसे अन्तरण के साथ जो पूर्विक ब्ययन के निष्फल होने पर दूसरे व्यक्ति के पक्ष में हो जाएगा | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 27 क्या है | Section 27 Transfer of property Act in hindi | Section 27 of Transfer of property Act | धारा 27 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Conditional transfer to one person coupled with transfer to another on failure of prior dispositionके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 27 |  Section 27 of Transfer of property Act | Section 27 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 27 in Hindi ] –

एक व्यक्ति को सशर्त अंतरण ऐसे अन्तरण के साथ जो पूर्विक ब्ययन के निष्फल होने पर दूसरे व्यक्ति के पक्ष में हो जाएगा-

जहां कि सम्पत्ति-अन्तरण से उस सम्पत्ति में कोई हित एक व्यक्ति के पक्ष में सृष्ट किया जाता है और उसी संव्यवहार द्वारा उसी हित का कोई परतर व्ययन उस अन्तरण के अधीन पूर्विक व्ययन के निष्फल होने की दशा में किसी दूसरे के पक्ष में किया जाता है, वहाँ पूर्विक व्ययन की निष्फलता पर परतर व्ययन प्रभावी हो जाएगा, यद्यपि वह निष्फलता अन्तरक द्वारा अनुध्यात प्रकार से न हुई हो।

किन्तु जहां कि संव्यवहार के पक्षकारों का आशय यह हो कि पूर्विक व्ययन के किसी विशेष प्रकार से निष्फल हो जाने की दशा में ही परतर व्ययन प्रभावी होगा, वहां जब तक कि पूर्विक व्ययन उस प्रकार से निष्फल नहीं हो जाता, परतर व्ययन प्रभावी न होगा।

दृष्टांत

(क) क इस शर्त पर कि क की मृत्यु के पश्चात् ख तीन मास के भीतर अमुक पट्टा निष्पादित कर देगा, ख को और यदि वह ऐसा करने में उपेक्षा करे तो ग को 500 रुपए अन्तरित करता है । क के जीवनकाल में ख की मृत्यु हो जाती है । ग के पक्ष में ब्ययन प्रभावी हो जाता है।

(ख) क अपनी पत्नी को सम्पत्ति अन्तरित करता है किन्तु उसके जीवनकाल में ही उसकी पत्नी की मृत्यु हो जाने की दशा में वह सम्पत्ति, जिसे उसने अपनी पत्नी को अन्तरित किया था, ख को अन्तरित करता है। क और उसकी पत्नी ऐसी परिस्थितियों मे एक साथ विनष्ट हो जाते हैं, जिनसे यह साबित करना असम्भव हो जाता है कि वह उसके पहले मर गई। ख के पक्ष में व्ययन प्रभावी नहीं होता।

धारा 27 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 27 in English ] –

Conditional transfer to one person coupled with transfer to another on failure of prior disposition”–

Where, on a transfer of property, an interest therein is created in favour of one person, and by the same transaction an ulterior disposition of the same interest is made in favour of another, if the prior disposition under the transfer shall fail, the ulterior disposition shall take effect upon the failure of the prior disposition, although the failure may not have occurred in the manner contemplated by the transferor. 

But, where the intention of the parties to the transaction is that the ulterior disposition shall take effect only in the event of the prior disposition failing in a particular manner, the ulterior disposition shall not take effect unless the prior disposition fails in that manner. 

Illustrations

(a) A transfers Rs. 500 to B on condition that he shall execute a certain lease within three months after A’s death, and, if he should neglect to do so, to C. B dies in A’s life-time. The disposition in favour of C takes effect. 

(b) A transfers property to his wife; but, in case she should die in his life-time, transfers to B that which he had transferred to her. A and his wife perish together, under circumstances which make it impossible to prove that she died before him. The disposition in favour of B does not take effect.

धारा 27 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

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Transfer of property Act

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