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धारा 15 विनिर्दिष्ट अनुतोष | Section 15 of Specific relief act in Hindi

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “कौन विनिर्दिष्ट पालन अभिप्राप्त कर सकेगा | विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 15 क्या है | Section 15 Specific relief act in Hindi | Section 15 of Specific relief act | धारा 15 विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम | Who may obtain specific performanceके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 15 |  Section 15 of Specific relief act

[ Specific relief act Sec. 15 in Hindi ] –

कौन विनिर्दिष्ट पालन अभिप्राप्त कर सकेगा-

इस अध्याय में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, किसी संविदा का विनिर्दिष्ट पालन अभिप्राप्त किया जा सकेगा-

(क) उसमें के किसी भी पक्षकार द्वारा;

(ख) उसमें के किसी भी पक्षकार के हित-प्रतिनिधि या मालिक द्वारा :

परन्तु जहाँ कि ऐसे पक्षकार की विद्वत्ता, कौशल, शोधन क्षमता या कोई वैयक्तिक गुण संविदा का तात्विक अंग हो या जहाँ कि संविदा उपबन्ध करती हो कि उसका हित समनुदेशित नहीं किया जाएगा, वहाँ उसका हित-प्रतिनिधि या उसका मालिक संविदा का विनिर्दिष्ट पालन कराने का हकदार न होगा, जब तक कि ऐसे पक्षकार ने संविदा के अपने भाग का विनिर्दिष्ट पालन पहले ही न कर दिया हो या उसके हित-प्रतिनिधि या उसके मालिक द्वारा किया गया उसका पालन दूसरे पक्षकार द्वारा पहले ही प्रतिगृहीत न किया जा चुका हो;

(ग) जहाँ कि संविदा विवाह पर का व्यवस्थापन या एक ही कुटुम्ब के सदस्यों के बीच संदेहपूर्ण अधिकारों का कोई समझौता हो, वहाँ तद्धीन फायदा पाने के हकदार किसी भी व्यक्ति द्वारा

(घ) जहाँ कि किसी आजीवन अधिकारी द्वारा किसी शक्ति के सम्यक् प्रयोग में कोई संविदा की गई। हो, वहाँ शेष भोगी द्वारा;

(ङ) सकब्जा उत्तरभोगी द्वारा, जहाँ कि करार ऐसी प्रसंविदा हो जो उसके हक पूर्वाधिकारी के साथ की गई हो और उत्तर-भोगी उस प्रसंविदा के फायदे का हकदार हो;

(च) शेष के उत्तरभोगी द्वारा, जहाँ कि करार वैसी प्रसंविदा हो, और उत्तरभोगी उसके फायदे का हकदार हो, उसके भंग के कारण तात्विक क्षति उठाएगा:

(छ) जबकि किसी कम्पनी ने संविदा की हो और तत्पश्चात् वह किसी दूसरी कम्पनी में समामेलित हो गई हो, तब उस समामेलन से उद्भूत नई कम्पनी द्वारा;

(ज) जबकि किसी कम्पनी के सम्प्रवर्तकों ने उसके निगमन के पहले कम्पनी के प्रयोजनों के लिए कोई संविदा की हो और संविदा निगमन के निवन्धनों द्वारा समर्थित हो तब उस कम्पनी द्वारा:

परन्तु यह तब जबकि कम्पनी ने संविदा को प्रतिगृहीत कर लिया हो और संविदा के दूसरे पक्षकार को ऐसा प्रतिग्रहण संसूचित कर दिया हो।

धारा 15 Specific relief act

[ Specific relief act Sec. 15 in English ] –

“Who may obtain specific performance”–

Except as otherwise provided by this Chapter, the specific performance of a contract may be obtained by—

(a) any party thereto;

(b) the representative in interest or the principal, of any party thereto:

Provided that where the learning, skill, solvency or any personal quality of such party is a material ingredient in the contract, or where the contract provides that his interest shall not be assigned, his representative in interest or his principal shall not be entitled to specific performance of the contract, unless such party has already performed his part of the contract, or the performance thereof by his representative in interest, or his principal, has been accepted by the other party;

(c) where the contract is a settlement on marriage, or a compromise of doubtful rights between members of the same family, any person beneficially entitled thereunder;

(d) where the contract has been entered into by a tenant for life in due exercise of a power, the remainderman;

(e) a reversioner in possession, where the agreement is a covenant entered into with his predecessor in title and the reversioner is entitled to the benefit of such covenant;

(f) a reversioner in remainder, where the agreement is such a covenant, and the reversioner is entitled to the benefit thereof and will sustain material injury by reason of its breach;

(g) when a company has entered into a contract and subsequently becomes amalgamated with another company, the new company which arises out of the amalgamation;

(h) when the promoters of a company have, before its incorporation, entered into a contract for the purposes of the company, and such contract is warranted by the terms of the incorporation, the company:

Provided that the company has accepted the contract and has communicated such acceptance to the other party to the contract.

धारा 15 Specific relief act

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