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धारा 148 CrPC | Section 148 CrPC in Hindi | CrPC Section 148

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section 148 CrPC in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “स्थानीय जांच | दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 148 क्या है | section 148 CrPC in Hindi | Section 148 in The Code Of Criminal Procedure | CrPC Section 148 |  Local inquiry के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 148 |  Section 148 in The Code Of Criminal Procedure

[ CrPC Sec. 148 in Hindi ] –

स्थानीय जांच-

(1) जब कभी धारा 145 या धारा 146 या धारा 147 के प्रयोजनों के लिए स्थानीय जांच आवश्यक हो तब कोई जिला मजिस्ट्रेट या उपखंड मजिस्ट्रेट अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट को जांच करने के लिए प्रतिनियुक्त कर सकता है और उसे ऐसे लिखित अनुदेश दे सकता है जो उसके मार्गदर्शन के लिए आवश्यक प्रतीत हो और घोषित कर सकता है कि जांच का सब आवश्यक व्यय या उसका कोई भाग, किसके द्वारा दिया जाएगा।

(2) ऐसे प्रतिनियुक्त व्यक्ति की रिपोर्ट को मामले में साक्ष्य के रूप में पढ़ा जा सकता है।

(3) जब धारा 145, धारा 146 या धारा 147 के अधीन कार्यवाही के किसी पक्षकार द्वारा कोई बचें किए गए हैं तब विनिश्चय करने वाला मजिस्ट्रेट यह निदेश दे सकता है कि ऐसे खर्चे किसके द्वारा दिए जाएंगे, ऐसे पक्षकार द्वारा दिए जाएंगे या कार्यवाही के किसी अन्य पक्षकार द्वारा और पूरे के पूरे दिए जाएंगे अथवा भाग या अनुपात में ; और ऐसे खर्चों के अंतर्गत साक्षियों के और प्लीडरों की फीस के बारे में वे व्यय भी हो सकते है, जिन्हें न्यायालय उचित समझे।

धारा 148 CrPC

[ CrPC Sec. 148 in English ] –

“Local inquiry ”–

(1) Whenever a local inquiry is necessary for the purposes of section 145, section 146 or section 147, a District Magistrate or Sub- divisional Magistrate may depute any Magistrate subordinate to him to make the inquiry, and may furnish him with such written instructions as may seem necessary for his guidance, and may declare by whom the whole or any part of the necessary expenses of the inquiry shall be paid.
(2) The report of the person so deputed may be read as evidence in the case.
(3) When any costs have been incurred by any party to a proceeding under section 145, section 146, or section 147, the Magistrate passing a decision may direct by whom such costs shall be paid, whether by such party or by any other party to the proceeding, and whether in whole or in part or proportion and such costs may include any expenses incurred in respect of witnesses and of pleaders’ fees, which the Court may consider reasonable.

धारा 148 CrPC

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