धारा 146 संविदा अधिनियम | Section 146 Indian Contract act in Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “सह-प्रतिभू समानतः अभिदाय करने के दायी होते हैं | भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 146 क्या है | Section 146 Indian Contract act in Hindi | Section 146 of Indian Contract act | धारा 146 भारतीय संविदा अधिनियम | Co-sureties liable to contribute equallyके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 146 |  Section 146 of Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 146 in Hindi ] –

सह-प्रतिभू समानतः अभिदाय करने के दायी होते हैं-

 जहां कि दो या अधिक व्यक्ति उसी ऋण या कर्तव्य के लिए, या तो संयुक्ततः या पृथक्तः और चाहे एक हो या चाहे विभिन्न संविदाओं के अधीन, और चाहे एक दूसरे के ज्ञान में चाहे ज्ञान के बिना, सह-प्रतिभू हों, वहीं उन सह-प्रतिभूओं में से हर एक, तत्प्रतिकूल संविदा के अभाव में वहां तक, जहां तक उनके बीच का सम्बन्ध है, सम्पूर्ण ऋण का या उसके उस भाग का, जो मूल ऋणी द्वारा असंदत्त रह गया हो, समान अंश समानतः देने के दायी हैं।

दृष्टांत

(क) ङ को उधार दिए गए 3,000 रुपए के लिए घ के क, ख और ग प्रतिभू हैं । ङ संदाय में व्यतिक्रम करता है। क, ख और ग, जहाँ तक उनके बीच का सम्बन्ध है. हर एक 1,000 रुपए संदाय करने का दायी है।

(ख) ङ को उधार दिए गए 1,000 रुपए के लिए घ के क, ख और ग प्रतिभू हैं, और क, ख और ग के बीच यह संविदा है कि क एक चौथाई तक के लिए, ख एक चौथाई तक के लिए और ग आधे तक के लिए उत्तरदायी हैं। ङ संदाय में व्यतिक्रम करता है। जहां तक कि प्रतिभूओं के बीच का सम्बन्ध है, क 250 रुपए, ख 250 रुपए और ग 500 रुपए संदाय करने का दायी है।

धारा 146 Indian Contract act

[ Indian Contract act Sec. 146  in English ] –

“Co-sureties liable to contribute equally”–

Where two or more persons are co-sureties for the same debt or duty, either jointly or severally, and whether under the same or different contracts, and whether with or without the knowledge of each other, the co-sureties, in the absence of any contract to the contrary, are liable, as between themselves, to pay each an equal share of the whole debt, or of that part of it which remains unpaid by the principal debtor1.

Illustrations

(a) A, B and C are sureties to D for the sum of 3,000 rupees lent to E. E makes default in payment. A, B and C are liable, as between themselves, to pay 1,000 rupees each.

(b) A, B and C are sureties to D for the sum of 1,000 rupees lent to E, and there is a contract between A, B and C that A is to be responsible to the extent of one-quarter, B to the extent of one- quarter, and C to the extent of one-half. E makes default in payment. As between the sureties, A is liable to pay 250 rupees, B 250 rupees, and C 500 rupees.

धारा 146 Indian Contract act

भारतीय संविदा अधिनियम 

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Indian contract act 

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Section 1 of limitation actSection 1 of limitation act
Updated: May 10, 2020 — 12:00 pm

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