धारा 134 सम्पत्ति अन्तरण | Section 134 of Transfer of property Act

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “बन्धकित ब्याज | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 134 क्या है | Section 134 Transfer of property Act in hindi | Section 134 of Transfer of property Act | धारा 134 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Mortgaged debt के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 134 |  Section 134 of Transfer of property Act | Section 134 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 134 in Hindi ] –

बन्धकित ब्याज-

जहां कि ऋण वर्तमान या भावी ऋण को प्रतिभूत करने के प्रयोजन से अन्तरित किया जाता है वहां ऐसे अन्तरित किया गया ऋण यदि अन्तरक द्वारा प्राप्त या अन्तरिती द्वारा वसूल कर लिया जाता है तो वह प्रथमतः ऐसी वसूली के खर्च के चुकाने में और द्वितीयतः उस अन्तरण द्वारा तत्समय प्रवृत्त रकम की तुष्टि में या उस रकम मद्धे उपयोजनीय है और अवशिष्टि, यदि कुछ रहे, अन्तरक की या अन्य ऐसे व्यक्ति की होती है जो उसे प्राप्त करने का हकदार है।

धारा 134 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 134 in English ] –

Mortgaged debt”–

Where a debt is transferred for the purpose of securing an existing or future debt, the debt so transferred, if received by the transferor or recovered by the transferee, is applicable, first, in payment of the costs of such recovery; secondly, in or towards satisfaction of the amount for the time being secured by the transfer; and the residue, if any, belongs to the transferor or other person entitled to receive the same

धारा 134 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

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Updated: May 27, 2020 — 8:08 pm

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