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धारा 13 विनिर्दिष्ट अनुतोष | Section 13 of Specific relief act in Hindi

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आज के इस आर्टिकल में मै आपको “हक न रखने वाले या अपूर्ण हक वाले व्यक्ति के विरुद्ध नेता या पट्टेदार के अधिकार | विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 13 क्या है | Section 13 Specific relief act in Hindi | Section 13 of Specific relief act | धारा 13 विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम | Rights of purchaser or lessee against person with no title or imperfect titleके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 13 |  Section 13 of Specific relief act

[ Specific relief act Sec. 13 in Hindi ] –

हक न रखने वाले या अपूर्ण हक वाले व्यक्ति के विरुद्ध नेता या पट्टेदार के अधिकार-

(1) जहाँ कि किसी स्थावर सम्पत्ति को ऐसा व्यक्ति, जिसका उसमें कोई हक न हो अथवा केवल अपूर्ण हक हो, बेचने की अथवा पट्टे पर देने की संविदा करे वहाँ क्रेता या पट्टेदार के इस अध्याय के अन्य उपबन्धों के अध्यधीन निम्नलिखित अधिकार हैं, अर्थात् :

(क) यदि विक्रेता अथवा पट्टाकर्ता में संविदा ने पश्चात् सम्पत्ति में कोई हित अर्जित किया हो तो क्रेता या पट्टेदार ऐसे हित में से संविदा की पूर्ति करने के लिए उसे विवश कर सकेगा;

(ख) जहाँ कि हक को विधिमान्य बनाने के लिए अन्य व्यक्तियों की सहमति आवश्यक हो और विक्रेता या पट्टाकर्ता की प्रार्थना पर वे सहमति देने को आबद्ध हों, वहाँ क्रेता या पट्टेदार उसको ऐसी सहमति उपाप्त करने के लिए विवश कर सकेगा और जबकि हक को विधिमान्य बनाने के लिए अन्य व्यक्तियों द्वारा हस्तान्तरण आवश्यक हो और विक्रेता या पट्टाकर्ता को प्रार्थना पर वे हस्तान्तरण करने को आबद्ध हों तब क्रेता या पट्टेदार उसको ऐसा हस्तान्तरण उपाप्त करने के लिए विवश कर सकेगा।

(ग )जहाँ कि विक्रेता विल्लंगम रहित सम्पत्ति को बेचने की प्रव्यंजना करे किन्तु सम्पत्ति क्रय-धन से अनधिक राशि के लिए बंधकित है और विक्रेता को वास्तव में केवल मोचन का ही अधिकार हो वहाँ क्रेता उसे उस बंधक का मोचन कराने के लिए और बंधकदार से विधिमान्य उन्मोचन और जहाँ आवश्यक हो, वहाँ हस्तान्तरण भी अभिप्राप्त करने के लिए विवश कर सकेगा;

(घ) जहाँ कि विक्रेता या पट्टाकर्ता संविदा के विनिर्दिष्ट पालन के लिए वाद लाए और हक के अभाव या अपूर्ण हक के आधार पर वाद खारिज हो जाए वहाँ प्रतिवादी को अपने निक्षेप की, यदि कोई हो, उस पर ब्याज सहित वापसी का और वाद के अपने खर्चे पाने का अधिकार है तथा ऐसे निक्षेप, व्याज और खर्यों के लिए उस हित पर यदि कोई हो, धारणाधिकार है जो उस सम्पत्ति में विक्रेता अथवा पट्टाकर्ता का हो जो संविदा की विषय वस्तु है।

(2) उपधारा (1) के उपबन्ध जंगम सम्पत्ति के विक्रय या भाड़े की संविदाओं को भी, यावत्शक्य, लागू होंगे।

धारा 13 Specific relief act

[ Specific relief act Sec. 13 in English ] –

“Rights of purchaser or lessee against person with no title or imperfect title”–

(1) Where a person contracts to sell or let certain immovable property having no title or only an imperfect title, the purchaser or lessee (subject to the other provisions of this Chapter), has the following rights, namely:—

(a) if the vendor or lessor has subsequently to the contract acquired any interest in the property, the purchaser or lessee may compel him to make good the contract out of such interest;

(b) where the concurrence of other person is necessary for validating the title, and they are bound to concur at the request of the vendor or lessor, the purchaser or lessee may compel him to procure such concurrence, and when a conveyance by other persons is necessary to validate the title and they are bound to convey at the request of the vendor or lessor, the purchaser or lessee may compel him to procure such conveyance;

(c) where the vendor professes to sell unencumbered property, but the property is mortgaged for an amount not exceeding the purchase money and the vendor has in fact only a right to redeem it, the purchaser may compel him to redeem the mortgage and to obtain a valid discharge, and, where necessary, also a conveyance from the mortgagee;

(d) where the vendor or lessor sues for specific performance of the contract and the suit is dismissed on the ground of his want of title or imperfect title, the defendant has a right to a return of his deposit, if any, with interest thereon, to his costs of the suit, and to a lien for such deposit, interest and costs on the interest, if any, of the vendor or lesser in the property which is the subject-matter of the contract .

(2) The provisions of sub-section (1) shall also apply, as far as may be, to contracts for the sale or hire of movable property.

धारा 13 Specific relief act

Specific relief Act Pdf download in hindi

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