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कंपनी अधिनियम धारा 13 | Section 13 of Companies Act in Hindi

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Section 13 of Companies Act in Hindi

आजके इस आर्टिकल में मैआपको ” ज्ञापन का परिवर्तन| कंपनी अधिनियम धारा 13  | Section 13 of Companies Act in Hindi | कंपनी अधिनियम की धारा 13 | के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

Section 13 of Companies Act in Hindi

[ Companies Act Sec. 13 in Hindi ] –

ज्ञापन का परिवर्तन

 (1) धारा 61 में यथा उपबंधित के सिवाय, कोई कंपनी, किसी विशेष संकल्प द्वारा और इस धारा में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया का अनुपालन करने के पश्चात्, अपने ज्ञापन के उपबंधों में परिवर्तन कर सकेगी ।

(2) किसी कंपनी के नाम में कोई परिवर्तन, धारा 4 की उपधारा (2) और उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन होगा और उसका केन्द्रीय सरकार के लिखित अनुमोदन के सिवाय प्रभाव नहीं होगा :

परंतु ऐसा कोई अनुमोदन वहां आवश्यक नहीं होगा जहां, इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार किसी एक वर्ग की कंपनियों के किसी अन्य वर्ग में संपरिवर्तन के परिणामस्वरूप कंपनी के नाम में परिवर्तन केवल “प्राइवेट’ शब्द को हटाने का या उसमें जोड़ने का है ।

(3) जब उपधारा (2) के अधीन किसी कंपनी के नाम में कोई परिवर्तन किया जाता है तब रजिस्ट्रार कंपनियों के रजिस्टर में पुराने नाम के स्थान पर नया नाम प्रविष्ट करेगा और नए नाम से निगमन का एक नया प्रमाणपत्र जारी करेगा तथा नाम का परिवर्तन किसी ऐसे प्रमाणपत्र के जारी करने पर ही पूर्ण और प्रभावी होगा ।

(4) एक राज्य से दूसरे राज्य में रजिस्ट्रीकृत कार्यालय के स्थान से संबंधित ज्ञापन के परिवर्तन का तब तक कोई प्रभाव नहीं होगा जब तक कि ऐसे प्ररूप और रीति से, जो विहित की जाए, किए गए आवेदन पर केन्द्रीय सरकार द्वारा उसका अनुमोदन नहीं कर दिया जाता है।

(5) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (4) के अधीन आवेदन का निपटारा साठ दिन की अवधि के भीतर करेगी और अपना आदेश पारित करने से पूर्व अपना यह समाधान कर सकेगी कि परिवर्तन के लिए लेनदारों, डिबेंचरधारकों और कंपनी से संबंधित अन्य व्यक्तियों की सहमति है या कंपनी द्वारा या तो अपने सभी ऋणों और बाध्यताओं के सम्यक निर्मोचन के लिए पर्याप्त उपबंध कर दिया गया है या ऐसे निर्मोचन के लिए पर्याप्त प्रतिभूति दे दी गई है।

(6) धारा 64 में यथा उपबंधित के सिवाय, कोई कंपनी, अपने ज्ञापन में किसी परिवर्तन के संबंध में, रजिस्ट्रार के पास निम्नलिखित फाइल करेगी

(क) उपधारा (1) के अधीन कंपनी द्वारा पारित विशेष संकल्प;

(ख) उपधारा (2) के अधीन केन्द्रीय सरकार का अनुमोदन, यदि उपांतरण में कंपनी के नाम में कोई परिवर्तन अन्तर्वलित है।

(7) जहां ज्ञापन के किसी परिवर्तन के परिणामस्वरूप किसी कंपनी के रजिस्ट्रीकृत कार्यालय का, एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण होता है वहां परिवर्तन का अनुमोदन करने वाले केन्द्रीय सरकार के आदेश की एक प्रमाणित प्रति कंपनी द्वारा ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, प्रत्येक राज्य के रजिस्ट्रार के पास फाइल की जाएगी, जो उसे रजिस्टर करेगा और उस राज्य का रजिस्ट्रार, जहां रजिस्ट्रीकृत कार्यालय स्थानांतरित किया जा रहा है, परिवर्तन को उपदर्शित करते हुए, निगमन का नया प्रमाणपत्र जारी करेगा ।

(8) ऐसी कोई कंपनी, जिसने प्रास्पेक्टस के माध्यम से जनता से धन लिया है और अभी तक उसके पास इस प्रकार लिए गए धन में से कोई अनुपयोजित रकम है, तब तक अपने उद्देश्यों को परिवर्तित नहीं करेगी जिनके लिए उसने प्रास्पेक्टस के माध्यम से धन लिया था, जब तक कंपनी द्वारा कोई विशेष संकल्प पारित नहीं किया जाता है और–

(i) ऐसे संकल्प की बाबत ऐसे ब्यौरे, जो विहित किए जाएं, उस स्थान पर, जहां कंपनी का रजिस्ट्रीकृत कार्यालय स्थित है, समाचारपत्रों (एक अंग्रेजी और एक स्थानीय भाषा के) में भी प्रकाशित किए जाएंगे और कंपनी की वेबसाइट पर भी, यदि कोई हो, ऐसे परिवर्तन के लिए न्यायोचित्य को स्पष्ट रूप से उपदर्शित करते हुए, रखे जाएंगे;

(ii) विसम्मति प्रकट करने वाले शेयर धारकों को प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाने वाले विनियमों के अनुसार नियंत्रण रखने वाले संप्रवर्तकों और शेयर धारकों द्वारा छोड़ने का अवसर दिया जाएगा ।

(9) रजिस्ट्रार, कंपनी के उद्देश्यों की बाबत ज्ञापन के किसी परिवर्तन को रजिस्टर करेगा और इस धारा की उपधारा (6) के खंड (क) के अनुसार विशेष संकल्प के फाइल किए जाने की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर रजिस्ट्रीकरण को प्रमाणित करेगा ।

(10) इस धारा के अधीन किए गए किसी परिवर्तन का तब तक कोई प्रभाव नहीं होगा, जब तक उसे उस धारा के उपबंधों के अनुसार रजिस्ट्रीकृत नहीं कर दिया गया हो।

(11) प्रत्याभूति द्वारा परिसीमित किसी कंपनी और किसी सदस्य से अन्यथा भिन्न किसी व्यक्ति को कंपनी के विभाज्य लाभों में हिस्सा बंटाने का अधिकार देने के लिए तात्पर्यित कोई शेयर पूंजी न रखने वाली किसी कंपनी की दशा में ज्ञापन में कोई परिवर्तन, शून्य होगा |

 

कंपनी अधिनियम धारा 13

[ Companies Act Section 13  in English ] –

Alteration of memorandum ”–

(1) Save as provided in section 61, a company may, by a special  resolution and after complying with the procedure specified in this section, alter the provisions of its memorandum. 

(2) Any change in the name of a company shall be subject to the provisions of subsections (2) and (3)  of section 4 and shall not have effect except with the approval of the Central Government in writing: 

Provided that no such approval shall be necessary where the only change in the name of the company  is the deletion therefrom, or addition thereto, of the word ―Private‖, consequent on the conversion of any  one class of companies to another class in accordance with the provisions of this Act. 

(3) When any change in the name of a company is made under sub-section (2), the Registrar shall  enter the new name in the register of companies in place of the old name and issue a fresh certificate of  incorporation with the new name and the change in the name shall be complete and effective only on the  issue of such a certificate. 

(4) The alteration of the memorandum relating to the place of the registered office from one State to  another shall not have any effect unless it is approved by the Central Government on an application in  such form and manner as may be prescribed. 

(5) The Central Government shall dispose of the application under sub-section (4) within a period of  sixty days and before passing its order may satisfy itself that the alteration has the consent of the  creditors, debenture-holders and other persons concerned with the company or that the sufficient  provision has been made by the company either for the due discharge of all its debts and obligations or  that adequate security has been provided for such discharge. 

(6) Save as provided in section 64, a company shall, in relation to any alteration of its memorandum,  file with the Registrar— 

(a) the special resolution passed by the company under sub-section (1); 

(b) the approval of the Central Government under sub-section (2), if the alteration involves any  change in the name of the company. 

(7) Where an alteration of the memorandum results in the transfer of the registered office of a  company from one State to another, a certified copy of the order of the Central Government approving the  alteration shall be filed by the company with the Registrar of each of the States within such time and in  such manner as may be prescribed, who shall register the same, and the Registrar of the State where the  registered office is being shifted to, shall issue a fresh certificate of incorporation indicating the alteration. 

(8) A company, which has raised money from public through prospectus and still has any unutilised  amount out of the money so raised, shall not change its objects for which it raised the money through  prospectus unless a special resolution is passed by the company and— 

(i) the details, as may be prescribed, in respect of such resolution shall also be published in the  newspapers (one in English and one in vernacular language) which is in circulation at the place where  the registered office of the company is situated and shall also be placed on the website of the  company, if any, indicating therein the justification for such change; 

(ii) the dissenting shareholders shall be given an opportunity to exit by the promoters and  shareholders having control in accordance with regulations to be specified by the Securities and  Exchange Board. 

(9) The Registrar shall register any alteration of the memorandum with respect to the objects of the  company and certify the registration within a period of thirty days from the date of filing of the special  resolution in accordance with clause (a) of sub-section (6) of this section. 

(10) No alteration made under this section shall have any effect until it has been registered in  accordance with the provisions of this section.

(11) Any alteration of the memorandum, in the case of a company limited by guarantee and not  having a share capital, purporting to give any person a right to participate in the divisible profits of the  company otherwise than as a member, shall be void. 

कंपनी अधिनियम धारा 13


कंपनी अधिनियम 2013  

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