धारा 12 सम्पत्ति अन्तरण | Section 12 of Transfer of property Act Hindi

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “दिवाले या प्रयतित अन्य-संक्रामण पर हित को पर्यवसेय बनाने वाली शर्त | सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 12 क्या है | Section 12 Transfer of property Act in hindi | Section 12 of Transfer of property Act | धारा 12 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम | Condition making interest determinable on insolvency or attempted alienationके विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 12 |  Section 12 of Transfer of property Act | Section 12 Transfer of property Act in Hindi

[ Transfer of property Act Section 12 in Hindi ] –

दिवाले या प्रयतित अन्य-संक्रामण पर हित को पर्यवसेय बनाने वाली शर्त—

जहां कि इस शर्त या मर्यादा के अध्यधीन सम्पत्ति अन्तरित की जाती है कि किसी व्यक्ति को या उसके फायदे के लिए आरक्षित या दिया हुआ उस सम्पत्ति में का कोई भी हित उस व्यक्ति के दिवालिया होने पर या उसके अन्तरण या व्ययन करने का प्रयास करने पर समाप्त हो जाएगा, वहाँ ऐसी शर्त या मर्यादा शून्य है।

इस धारा की कोई भी बात पट्टे में की किसी ऐसी शर्त को लागू न होगी जा पट्टाकर्ता या उसे व्युत्पन्न अधिकाराधीन दावा करने वालों के फायदे के लिए हो।

धारा 12 Transfer of property Act

[ Transfer of property Act Sec. 12 in English ] –

Condition making interest determinable on insolvency or attempted alienation ”–

 Where property is transferred subject to a condition or limitation making any interest therein, reserved or given to or for the benefit of any person, to cease on his becoming insolvent or endeavouring to transfer or dispose of the same, such condition or limitation is void. 

Nothing in this section applies to a condition in a lease for the benefit of the lessor or those claiming under him. 

धारा 12 Transfer of property Act 

सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम  

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Updated: May 21, 2020 — 10:13 pm

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