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प्रारंभिक डिक्री और अंतिम डिक्री में अंतर | Prarambhik or antim decree

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Prarambhik or antim decree me antar

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “ प्रारंभिक डिक्री और अंतिम डिक्री में अंतर | Prarambhik or antim decree me antar” के विषय में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा । तो चलिए जानते है की –

Prarambhik or antim decree me antar

  1. प्रारंभिक डिक्री में इस बात का विनिश्चय किया जाता है कि क्या किया जाना है जबकि अंतिम डिक्री में प्रारंभिक डिक्री द्वारा प्राप्त परिणाम का उल्लेख रहता है।
  2. प्रारंभिक डिक्री अंतिम डिक्री पर निर्भर नहीं रहती किंतु अंतिम डिक्री प्रारंभिक डिक्री पर निर्भर होती है।
  3. यदि अपील में प्रारंभिक डिक्री अपास्त कर दी जाती है तो अंतिम डिक्री स्वत: ही निरस्त हो जाती है।
  4. प्रारंभिक डिक्री कुछ विशेष वादों में ही पारित की जाती है जबकि अंतिम डिक्री सभी वादों में पारित की जाती है।
  5. प्रारंभिक डिक्री, अंतिम डिक्री के पहले दी जाती है जबकि अंतिम डिक्री या तो सीधे दी जाती है या प्रारंभिक डिक्री के बाद।
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