दंड प्रक्रिया संहिता वस्तुनिष्ठ प्रश्न भाग 2 | Crpc quiz in Hindi part 2

आज के इस आर्टिकल में मै आपको “ दंड प्रक्रिया संहिता वस्तुनिष्ठ प्रश्न भाग 2 | Crpc quiz in hindi part 2 “, के बारे में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपको जरुर पसंद आएगा ।

दंड प्रक्रिया संहिता वस्तुनिष्ठ प्रश्न भाग 2 | Crpc quiz in hindi part 2

1 – सौदा अभिवाक ‘प्ली बारगेनिंग’ का अध्याय द.प्र.सं. में जोड़ा गया है :

(अ) दण्ड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2005 द्वारा (अधिनियम संख्या 25, सन् 2005)

(ब) दाण्डिक विधि (संशोधन) अधिनियम, 2005 द्वारा (अधि. संख्या 2, सन् 2006)

(स) दण्ड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा

(द) दाण्डिक विधि (संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा

 

2 – दण्ड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2008 (क्रमांक 5 सन् 2009) के प्रावधान किस तारीख से प्रवृत्त हुए ?

(अ) 1 अप्रैल, 2009 से

(ब) 31 दिसम्बर, 2009 से

(स) कतिपय उपबन्ध 31 दिसम्बर, 2009 से एवं शेष उपबन्ध 1 नवम्बर, 2010 से

(द) कतिपय उपबन्ध 1 दिसम्बर, 2009 से एवं शेष उपबन्ध 27 सितम्बर, 2010 से

3 – दण्ड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2010 (क्रमांक 41 सन् 2010) किस तारीख से प्रवृत्त हुआ

(अ) 1 नवम्बर, 2010 से

(ब) 2 नवम्बर, 2010 से

(स) 15 दिसम्बर, 2010 से

(द) 31 दिसम्बर, 2010 से

 

4 – “अजमानतीय अपराध’ से अभिप्रेत है:

(अ) केवल वे अपराध, जो दण्ड प्रक्रिया संहिता की प्रथम अनुसूची में अजमानतीय बताए गए हैं

(ब) वे सभी अन्य अपराध जो दण्ड प्रक्रिया संहिता के अधीन प्रथम अनुसूची में या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा “जमानतीय अपराध’ नहीं बताए गये हैं

(स) ऐसा अपराध जिसके लिए पुलिस वारण्ट के बिना गिरफ्तार कर सकती है

(द) ऐसा अपराध कि जिसके लिए पुलिस बिना वारण्ट के गिरफ्तार नहीं कर सकती है

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5 – जमानतीय अपराध कौन से हैं ?

(अ) द.प्र.सं. की प्रथम अनुसूची में जिनमें जमानतीय अपराध का उल्लेख किया गया है

(ब) सभी समन्स विचारण के प्रकरण

(स) सभी असंज्ञेय अपराध के प्रकरण

(द) सभी प्रकरण जो सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय नहीं हैं

 

6 – दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की किस धारा में ‘संज्ञेय अपराध’ परिभाषित कया गया है ?

(अ) धारा 2 (a)

(ब) धारा 2 (c)

(स) धारा 2 (i)

(द) धारा 2 (1)

 

7 – संज्ञेय अपराध में पुलिस अधिकारी :

(अ) आरोपी को वारण्ट के बिना गिरफ्तार नहीं कर सकता है

(ब) आरोपी को वारण्ट के बिना गिरफ्तार कर सकता है

(स) आरोपी को रिमाण्ड आदेश के बिना पुलिस हिरासत में रख सकता है

(द) आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं समझता है

 

8 – संज्ञेय अपराध के मामले में पुलिस को शक्तियां होंगी :

(अ) बिना वारण्ट गिरफ्तार करने की शक्ति के अलावा अन्वेषण की

(ब) अन्वेषण एवं बिना वारण्ट गिरफ्तार करने की शक्ति किंतु यह गिरफ्तारी मजिस्ट्रेट की अनुमति से ही की जा सकेगी

(स) बिना वारण्ट गिरफ्तारी सहित अन्वेषण की

(द) अन्वेषण तथा अपराध के विचारण अथवा जांच करने का क्षेत्राधिकार रखने वाले मजिस्ट्रेट को सूचित करे बिना वारण्ट की गिरफ्तारी की

 

9 – संज्ञेय अपराध की परिभाषा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 2 (सी) द्वारा प्रकट की जाती है। निम्नलिखित में से कौन सा एक ऐसा है जो परिभाषा में इसके अनुसार लागू नहीं होता है ?

(अ) पुलिस में जिसके बारे में प्रथम सूचना प्रतिवेदन प्रस्तुत की जाती है

(ब) मजिस्ट्रेट की जिसके बारे में संज्ञान कर सकता है

(स) ऐसा अपराध जो 2 वर्ष से कम की सजा वाला अपराध हो 

(द) ऐसा अपराध जो 2 वर्ष से अधिक की सजा वाला अपराध हो

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10 – एक संज्ञेय मामले में पुलिस को प्राधिकार है:

(अ) बिना वारन्ट के गिरफ्तार करने का

(ब) बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के अपराध की विवेचना का

(स) उपर्युक्त (अ) और (ब) दोनों का

(द) या तो (अ) अथवा (ब) का

 

Updated: October 20, 2020 — 4:26 pm

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